Chhattisgarh

कोरबा : पांच नगरीय निकायों सहित तीन ग्राम पंचायत क्षेत्रो में भी लागू होंगे कोरोना की रोकथाम के प्रतिबंध.. पसान, बरपाली और कुदुरमाल भी कंटेनमेंट जोन घोषित.

छत्तीसगढ़/कोरबा : कोरबा जिले मे कोरोना संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के लिए 22 जुलाई से पांचो नगरीय क्षेत्रो के साथ-साथ तीन ग्राम पंचायत क्षेत्रो में भी लाॅकडाउन रहेगा। जिला दण्डाधिकारी श्रीमती किरण कौशल ने पोड़ीउपरोड़ा विकास खण्ड की पसान, कोरबा विकास खण्ड की बरपाली और कुदुरमाल ग्राम पंचायत क्षेत्रो को कोरोना संक्रमण के कारण कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। तीनो ग्राम पंचायत क्षेत्रो में अभी तक कुल 73 कोरोना संक्रमित मिले है जिनमे से सात एक्टिव है जबकि 66 इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके है। पसान के दो क्वारेंटाइन संेटरो मे 16 और कुदुरमाल क्वारेंटाइन सेंटर में 50 प्रवासी श्रमिको की कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी। जिन्हे ईलाज के लिए कोविड अस्पतालो मे भेजा गया था। ये सभी प्रवासी स्वस्थ होकर अस्पतालो से वापस लौट चुके है। इसी प्रकार बरपाली क्वारेंटाइन सेंटर से 7 प्रवासी कोरोना संक्रमित पाए गए है जिनका ईलाज कोविड अस्पताल में चल रहा है। इन ग्राम पंचायतो में इतनी अधिक संख्या मे कोरोना संक्रमित मिलने के कारण संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुये प्रतिबंध लागू किए जा रहे है। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने आज समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में 22 जुलाई से लागू हो रहे कोरोना रोकथाम के प्रतिबंधो को कड़ाई से पालन कराने संबंधी तैयारियो की समीक्षा की। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रो सहित कोरोना संक्रमित घोशित तीनो ग्राम पंचायतो में अतिआवश्यक सेवाओ को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की दुकाने और व्यापारिक प्रतिश्ठान जारी निर्देशो के अनुसार बंद होना सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इन सभी क्षेत्रो में दूध, फल, सब्जी, किराना दुकाने आदि निर्देश अनुसार निर्धारित समय पर ही खुलेंगे। ग्रामीण क्षेत्रो में राशन दुकाने, खाद-बीज की दुकाने सुबह 10 बजे तक ही खुलेंगी। तीनो ग्राम पंचायत क्षेत्रो में शहरी क्षेत्रो की तरह ही सार्वजनिक आयोजनो पर प्रतिबंध रहेगा। बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री कुंदन कुमार, नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री एस जयवर्धन, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागो के जिला तथा ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में सामान्य तौर पर विभिन्न शासकीय विभागो द्वारा संचालित योजनाओ और कार्यक्रमो की भी समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी गौठानो में हर्रा, बहेड़ा और आंवला के पौधे रोपने के निर्देश दिए। उन्होने खाली हो गए क्वारेंटाइन सेंटरो की साफ-सफाई और पूर्ण सेनेटाइजेशन कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को दिए। श्रीमती कौशल ने सेनेटाईज हो चुके स्कूलो और आश्रमो में पुनः प्रवासी मजदूरों को नही रखने के निर्देश दिए। उन्होने आने वाले दिनो के लिए सभी विकास खण्डो में आंकलन अनुसार क्वारेंटाइन संेटर ही संचालित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने वन अधिकार मान्यता पत्र वितरण की भी समीक्षा की। श्रीमती कौशल ने सभी पात्र हितग्राहियों को 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर वन अधिकार मान्यता पत्र वितरण की तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होने वन अधिकार मान्यता पत्र बनाने के लिए प्राप्त आवेदनो की जांच, मौके का निरीक्षण और आवेदनो में दस्तावेजो की कमी आदि को भी जल्द से जल्द पूरा कर पात्र लोगो के अधिकार पत्र बनाने के निर्देश वन, राजस्व और आदिवासी विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में एडीएम श्री संजय अग्रवाल ने प्रत्येक गांव में निस्तार, लघु वनोपज संग्रहण, जैव विविधता एवं बौद्धिक क्षमता, जलाशय एवं चारागाह सहित देवस्थल और गांव की अन्य पारंपरिक आवश्यकता के लिए भी सामुदायिक वन अधिकार पट्टा बनाने के प्रकरण तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में श्रीमती कौशल ने पिछले दिनो हुई बारिश से फसल क्षति, मकान क्षति और पशुधन हानि की भी जानकारी तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों से ली। उन्होने ऐसे सभी प्रकरणों में जल्द से जल्द परीक्षण कर मुआवजा भुगतान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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