Chhattisgarh

‘गोबर की कीमत तय कर 2 रुपया प्रति किलो की दर पर खरीदने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना’- संसदीय सचिव चंद्र देव राय.

संवाददाता : रौनक सराफ

छत्तीसगढ़/जांजगीर चांपा : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, किसानों, पशुपालकों, ग्रामीणों की आय और उनके जीवन स्तर में वृद्धि करने के उद्देश्य राज सरकार द्वारा लागू गोधन न्याय योजना का आज हरेली तिहार के अवसर पर संसदीय सचिव श्री चंद्रदेव राय ने जांजगीर-चांपा जिले के विकास खंड बम्हनीडीह के ग्राम लखाली में समारोह पूर्वक शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की दूरगामी और दूरदर्शी सोंच पर देश और दुनियां की निगाहें टिकी हुई है। श्री चंद्रदेव ने कहा कि गोबर जिसकी आज से पहले कोई कीमत नहीं थी, मुख्यमंत्री ने उसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का का आधार बना दिया। उन्होंने कहा कि आज से छत्तीसगढ़ के सभी विकास खंडों सहित जांजगीर-चांपा जिले के चिन्हित 216 गोठानों में 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी शुरू हो गई है। अपने उद्बोधन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा में गोबर की महत्ता बताई।
इसके पूर्व संसदीय सचिव श्री राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमत यनीता चन्द्रा, उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र प्रताप सिंह, सदस्य श्री टेकचन्द्र चन्द्रा, श्री गगन जयपुरिया, कलेक्टर श्री यशवंत कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री तीर्थराज अग्रवाल सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने हरेली पर्व के अवसर पर नागर, गैंती, रापा, कुदाली सहित कृषि औजारों की विधिवत पूजा अर्चना की और हरेली तिहार की जिले की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी। संसदीय सचिव सहित उपस्थित अतिथियों ने गौठान परिसर में नीम के पौधे लगार पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनीता चन्द्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गोधन न्याय योजना से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन में वृद्धि होगी। भूमि की उर्वरता बनी रहेगी।

जिले के सभी ग्रामों में गोठान बनाने की पहल – कलेक्टर

इस अवसर पर कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने कहा कि जिले के शतप्रतिशत गावों में गौठान बनाने की तैयारी प्रारंभ की जा रही है। इसके लिए भूमि चिन्हांकन किया गया है। राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी का संवर्धन के लिए कार्ययोजना के अनुसार चरणबद्ध तरीके कार्य प्रारंभ किया गया है। श्री राजकुमार चन्द्रा, श्री अनिल चन्द्रा, डाॅ चोलेश्वर चन्द्राकर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के संवर्धन के लिए राज्य सरकार की कार्य योजना की जानकारी दी।

स्व-सहायता समूहो द्वारा लगाई गयी छत्तीसगढ़ी व्यंजन की प्रदर्शनी –

स्व-सहायता समूहो द्वारा लगाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजन ठेठरी, खुर्मी, सलोनी, चीला की प्रदर्शनी का अवलोकन संसदीय सचिव सहित उपस्थित अतिथियों ने किया। स्व-सहायता समूहो ने राखी, माटीकला एवं अन्य उत्पाद के लगाए प्रदर्शनी की प्रशंसा की। सुराजी ग्राम योजना के महत्व को प्रदर्शित करने वाली रंगोली को प्रोत्साहित किया गया।

18 पशुपालकों ने गोबर बेचकर क्रय पत्रक में दर्ज करवाए –

आज प्रथम दिन दोपहर तक 18 पशुपालक किसानों का पंजीयन कर गोबर विक्रय कर योजना का शुभारंभ किया गया। श्री राजकुमार चन्द्रा, श्री देवलाल, श्रीमती गोमती, मोंगरा ने गोबर बेचकर गोबर क्रय पत्रक पर पंजीयन करवाया। लखाली निवासी देवलाल ने बताया की उसके पास कुल 12 मवेशी है। प्रतिदिन उसे लगभग 40 से 45 किलो गोबर मिल जाता है। इस योजना से महिने में करीब 2400 से रूपए से अधिक राशि की अतिरिक्त आमदनी होगी। पहले वे इस गोबर से कण्डे बनाते थे। जिसका लाभ नहीं मिल पाता था।
इस अवसर पर डीएफओ श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री रवि पाण्डे, श्री गुलजार सिंह, त्रि-स्तरीय पंचायत के जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।
जिला प्रभारी :- आशीष अग्रवाल

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