Chhattisgarh

पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय की ऑडिट रिपोर्टं.. करोडो रूपए गडबडी होने का खुलासा.. मियाद के भीतर भी नही मिली जवाब.. नियमों को ताक पर भर्ती और वेतन भुगतान.. यू.जी.सी.गाइड लाइन नजर अंदाज कर कराया पी.एच.डी. 

REPORT : JITENDRA SAHU INN24NEWS

छत्तीसगढ़ INN24 न्यूज़ बिलासपुर – पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में वित्तीय वर्ष 2016- 2017 एवं 2017-2018 का ऑडिट उपसंचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा बिलासपुर के द्वारा किया गया जिसमे अनियमितता पाए जाने पर आपत्तियों के निराकरण हेतु स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम 1973  की धारा 10  {1} सहपठित छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973  की धारा 48 {2} के प्रावधानानुसार कार्यवाही  कर पालन प्रतिवेदन हेतु कुलसचिव को चार माह के भीतर विहित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी भेजने लिखा है परन्तु मियाद ख़त्म होने के बाद भी किसी प्रकार की कोई जानकारी स्थानीय निधि संपरीक्षा के उपसंचालक को उपलब्ध नहीं कराई  गई है:
उल्लेखनीय है की वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 का ऑडिट उपसंचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा बिलासपुर के द्वारा किया गया था जिसमे ऑडिटर द्वारा कई प्रकार की आपत्तिया लगाई गई थी जिसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत हुई है दर्जनों बिन्दुओ पर आपत्ति दर्ज की गई है जिसके करोड़ो रूपए की अनियमितता होने की संभावना जताई गयी है जिसके जवाब एवं निराकरण के लिए कुल सचिव पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्व विद्यालय को 08 जनवरी 2020 को पत्र जारी कर जवाब माँगा गया था जिसकी मियाद खत्म होने के बाद भी जवाब नहीं दिया गया.
बिना पद निर्माण किये केन्द्रो में कर्मचारियों का रख किया राशि भुगतान 
विश्वविद्यालय के अधीनस्त क्षेत्रीय केंद्र बिलासपुर,रायपुर,अंबिकापुर,दुर्ग,जगदलपुर एवं कांकेर में संचालित केंद्र संचालन हेतु समन्वयक, सहायक समन्वयक, सहायको एवं अन्य कर्मचारी रख कर लगभग सात करोड़ उनचास लाख रूपए मानदेय,प्रोत्साहन राशि एवं नियोक्ता अंशदान का भुगतान किया गया है, जबकि विश्वविद्यालय में कार्य परिसद की बैठक 30 जून 2016 के प्रस्ताव एवं निर्णय क्रमांक 2 से निर्णय लिया गया है कि विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय एवं अध्यन केन्द्रो के लिए कोई भी पद स्वीकृत नहीं है तथा शासन स्वीकृति भी नहीं ली गयी है  साथ ही नियुक्त किये गए लोगो में छत्तीसगढ़ लोक सेवा नियम 1998  के पालन करते हुए कर्मचारी भर्ती करना है जिसमे SC/ST/OBC के लिए आरक्षण का नियम है जिसे भी पालन नहीं किया गया है एवं रखे गए कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन नहीं कराया गया है जिसके कारण उक्त नियुक्ति को अनियमित मानते हुए किये गए नियुक्ति एवं भुगतान पर आपत्ति जताई गयी है.

कुलपति को पी एच डी सुपरवाइजर नियुक्त करना अनियमित 
उच्च शिक्षा में रिसर्च को बढ़ावा देने तथा रिसर्च की गुणवत्ता सुनिश्चित करने यू.जी.सी.(एम.फिल/पी.एचडी.उपाधि के लिए नियम न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया) विनियम 2009 के पैरा 6 यू.जी.सी. (एम.फिल/पी.एचडी.उपाधि के लिए नियम न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया) विनियम 2016 के पैरा 6.2 तथा यू.जी.सी परिपत्र क्रमांक D.O.NO.F.10-6/2011(P.S)misc दिनांक 6/7/2015 द्वारा जारी निर्देश अनुसार विश्वविद्यालय में कार्यरत नियमित शिक्षक अथवा संबद्ध महाविद्यालय में कार्यरत नियमित शिक्षक कि विश्वविद्यलय द्वारा संचालित पी एच डी उपाधि पाठ्यक्रम हेतु रिसर्च सुपरवाईजर की तरह कार्य करने हेतु पात्र मान्य किये गए है लेकिन पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम 2004 की धारा 9 सहपठित परिनियम २ अनुसार पी एच डी सुपरवाईजर का दायित्व निर्माण करना कुलपति के परिभाषित कर्तव्यों में सम्मिलित नहीं है.

रिपोर्ट :  जीतेन्द्र साहू INN24NEWS
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