Chhattisgarh

कोरबा : नए खदान खोलने कार्य में आएगी तेजी.. रायल्टी में भी होगी वृद्धि.

छत्तीसगढ़/कोरबा : SECL के नए तकनिकी (परियोजना) एस के पाल पद पर नियुक्ति किये जाने से कोरबा जिले की दो प्रमुख नए खदान सराईपाली और करतली परियोजना का कार्य में तेजी आएगी इसके अलावा गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदान के विस्तार कार्यो में तेजी आएगी. भूस्थापितो की वर्षो से लम्बी मामले का भी निराकरण हो सकेगा. SECL ने चालू वृत्ति वर्ष में 170 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. यह लक्ष्य कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, मानिकपुर खदानों का विस्तार और नए खदान खोलने से हासिल करने की योजना बनाई है इन परियोजनाओं पर कार्य होने के बाद ही SECL का लक्ष्य पूरा हो सकेगा लेकिन इस कार्य में भूस्थापितो की मांग आड़े आ रही है. भूस्थापित कोयला कंपनी को जमीन के बदले मुआवजा और रोजगार करने की मांग कर रहे है लेकिन इस मांग को SECL पूरा नहीं कर पा रही है.

सार्वजानिक उपक्रम चयन बोर्ड ने SECL गेवरा एरिया के महाप्रबन्धक एस के पाल का चयन SECL के नए डायरेक्टर परियोजना किया है श्री पाल इसके पहले श्री पाल कोरबा एरिया के महाप्रबन्धक रहे है ज्यादातर भूस्थापितो की समस्या गेवरा और कोरबा एरिया में है इसके अलावा कुसमुंडा और दीपका में भी विवाद बना हुआ है इन सभी विवादों के निपटने की जिम्मेदारी श्री पाल के जिम्मे में है इससे उम्मीद जताई जा रही है की जिले के प्रमुख खदान सरईपाली और करतली खदान से शीघ्र उत्पादन शुरू हो सकेगा कुसमुंडा, दीपका, गेवरा विस्तार कार्य में तेजी आएगी इन कार्यो के पूर्ण होने पर रायल्टी में भी वृद्धि होगी.

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