Chhattisgarh

BREAKING : ऐश यूटिलाइजेशन के नाम पर हो रहा है राखड़ का व्यापार.. ब्लैक स्मिथ कंपनी उड़ा रही सभी सुरक्षा मानकों की धज्जियां.. जिम्मेदार विभागों ने सधी चुप्पी.

छत्तीसगढ़/कोरबा : ज़िले में संयंत्रों से निकलने वाले कोयला राखड़ ज़िले के लिए एक गंभीर समस्या है जिसके लिए शासन प्रशासन इसके लिए कई जतन कर रही है इसी कड़ी में ऐश यूटिलाइजेशन को एक बड़ा माध्यम बनाया गया है जिसमे राखड़ का उपयोग बनाए गए नियमो के तहत किया जाता है.

जानकारी के मुताबिक ज़िले में संचालित संयंत्र द्वारा राखड़ डैम से राखड़ के उठाओ और परिवहन के लिए वर्तमान में ब्लैकस्मिथ कारपोरेशन माइनिंग एंड अलाइड प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आबंटित किया है जिसके तहत ठेका कंपनी द्वारा संयंत्र से हुए अनुबंध के अनुसार राखड़ निकाल कर अनुमति प्राप्त जगहों पर खाली करने का कार्य दिया गया है. ब्लैकस्मिथ कारपोरेशन माइनिंग एंड अलाइड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा राखड़ का परिवहन शुरू कर दिया गया है जिसे ग्राम पंचायत भलपहरी में हसदेव नदी किनारे गिट्टी खदान में डाला जा रहा है, लेकिन ठेका कंपनी नियमो की ताक पर रख कुछ जगहों पर जहा बिना स्वीकृति के शासकीय जल संसाधन विभाग की भूमि पर काबिज लोगो को ठेका कंपनी के मुंशी के द्वारा खुलेआम व्यापार किया जा रहा है. साथ ही शासकीय भूमि जो की मुख्य मार्ग से लगा हुआ है में भी बिना किसी अनुमति के राखड़ डाला जा रहा है जिससे पास के किसानो की कृषि योग्य भूमि गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है, आलम इस तरह हैं की लोग अपने मकानों के प्लिंथ, पहुंच मार्ग, बेजा कब्ज़ा, और सड़क किनारे में इस राखड़ का खुलेआम उपयोग कर रहे है जिससे आस पास पर्यावरण दूषित हो रहा है.

प्रति हाइवा 500/- की दर से लोगो को बेचा जा रहा राखड़

ब्लैकस्मिथ कारपोरेशन माइनिंग एंड अलाइड प्राइवेट लिमिटेड के मुंशी की मनमानी इस प्रकार हावी है की वो राखड़ का व्यापार करने से भी बाज नहीं आ रहा है प्रति हाइवा 500/- की दर से आस पास के लोगो को राखड़ बेचा रहा है, जबकि उन जगहों पर राखड़ डालने की कोई भी अनुमति नहीं ली गयी है फिर भी अपनी कमाई का जरिया बनाते हुए खुलेआम नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

क्षमता से अधिक मात्रा में हो रहा है राखड़ ढुलाई

ठेका कंपनी द्वारा परिवहन विभाग के नियमो को दरकिनार करते हुए निर्धारित मापदंडो के अनुसार राखड़ का परिवहन नहीं किया जा रहा है बल्कि क्षमता से अधिक मात्रा में राखड़ का भराओ कर परिवहन किया जा रहा है जिससे नव निर्मित उरगा-कनकी रोड के छतिग्रस्त होने की पूर्ण आशंका बनी हुई है.

बिना तार पोलिन लगाए किया जा रहा राखड़ का परिवहन

राखड़ परिवहन में जिन वाहनों का उपयोग किया जा रहा है उन वाहनों में राखड़ को बिना तारपोलिन लगाए खुले में परिवहन कर रहे है जो की नियमो के विपरीत है जिसके कारण राखड़ सड़को पर गिर रही है जिसमे धूल उड़ रहे है जिससे आने जाने वालो को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है

 

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