Chhattisgarh

कुसमुण्डा : पहले दिन शत-प्रतिशत सफल रही श्रमिक सगठनों की हड़ताल.. घर से नही निकले वर्कर.. रोका गया डिस्पेच.. मजदूरों ने बिना हाजरी लगाए की इमरजेंसी ड्यूटी.

Reporter : Om Gavel

छत्तीसगढ़/कोरबा : कमर्शियल माइनिंग के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल का आज तड़के सुबह आगाज हुआ। बीएमएस, एटक, सीटू एचएमएस व इंटक के क्षेत्रीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता गणों ने बड़ी ही एकजुटता के साथ इस हड़ताल को सफल बनाने कमर कसी जिसका सार्थक परिणाम भी देखने को मिला।

हालांकि कुसमुण्डा प्रबन्धन ने इमरजेंसी ड्यूटी के नाम पर हड़ताल को विफल करने कर्मचारियो को ड्यूटी जाने के लिए बाध्य करने लंबी लिस्ट बनाई थी परन्तु श्रमिक नेताओ की समझाइश से कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। सुबह पहली पाली में ड्यूटी न जाने का निवेदन करने श्रमिक नेता जगह जगह मोर्चा लगा कर खड़े रहे, परन्तु अधिकांश कर्मचारी घर से ही निकले जिसकी बड़ी वजह यूनियन लीडरों की हड़ताल के पूर्व की गई बड़ी मेहनत भी है।

दोपहर को सतर्कता चौक में श्रमिक नेताओ ने डिस्पेच बन्द रखने सड़क पर ही बैठ गए, डिस्पेच में लगी वाहनों को घण्टो रोक दिया जिससे रैक लोडिंग भी प्रभावित होने की खबर है। करीब 2 घण्टे बाद स्थानीय पुलिस व सीआईएसएफ की समझाइस के बाद श्रमिक नेता वँहा से उठे और डिस्पेच शुरू हुआ।

इमरजेंसी ड्यूटी जैसे हॉस्पिटल, पानी फिल्टर में ड्यूटी कर रहे कर्मचारीओ ने अपनी ड्यूटी बड़ी ही मुस्तेदी के साथ निभाई परन्तु हाजरी नही लगा कर हड़ताल को अपना समर्थन भी दिया। वही रिस्की ड्यूटी जैसे बिजली सप्लाई व खदान के अंदर पंप हाउस में ड्यूटी हाजरी लगा कर किया गया क्योकि ये बड़ी जिम्मेदारी व प्रतिव्यक्ति जवाबदेही वाली ड्यूटी है।

कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि पहले दिन श्रमिक नेताओ को आन्दोलन में शत प्रतिशत सफलता मिली, जिससे यह साफ हो गया कि मजदूर वर्ग भी कर्मशियल माइनिंग के विरोध में एकजुट है।

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