Chhattisgarh

कोरबा : हड़ताल का कोयला खदानों में व्यापक असर.. एसईसीएल को करोड़ों का नुकसान.

कोरबा कमर्शियल माइनिंग के विरोध में पांच ट्रेड यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन कोयला खदानों में कार्यरत ज्यादातर विभागीय कर्मी काम पर नहीं आए इससे कोयला उत्पादन और डिस्पैच कार्य प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन कंपनियों की विभिन्न पावर प्लांटों को कोयला आपूर्ति बाधित रही रेल और कन्वेयर बेल्ट से पावर प्लांटों को कोयला आपूर्ति नहीं हो पाई केंद्र सरकार ने कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिंग को मंजूरी प्रदान किया है सरकार के इस निर्णय के विरोध में बीएमएस एचएमएस इंटक एटक सीटू ने संयुक्त रूप से गुरुवार से तीन दिवसीय हड़ताल प्रारंभ कर दिया है हड़ताल के पहले दिन मानिकपुर कुसमुंडा गेवरा दीपका सहित अन्य ओपन कास्ट माइंस में कोयला उत्पादन प्रभावित रहा अंडरग्राउंड माइन्स सुरक्षा बल की सिंह गाली बक देवा ढेलवाडीह में कोयला उत्पादन में और डिस्पैच का कार्य पूरी तरह ठप रहा कोरबा एरिया के मानिकपुर खदान में हड़ताल का व्यापक असर देखा गया विभिन्न श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि सुबह से ही खदानों के मुहावरों में एकत्रित होकर हड़ताल को सफल बनाने में जुटे रहे खदान स्थित वर्कशॉप में डंपर सावेल डोजर सहित अन्य भारी वाहन खड़ी रही इन भारी वाहनों के कर्मचारियों की अनुपस्थिति के वजह से या खड़ी रही दूसरी ओर मानिकपुर खदान में वीरानी छाई रही कमोवेश स्थिति एशिया में सर्वाधिक कोयला उत्पादन करने वाली गेवरा खदान में हड़ताल का असर देखा गया.

गेवरा खदान से कोयला उत्पादन और डिस्पैच कार्य नहीं हो पाई निजी कंपनियों द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कोयला डिस्पैच का कार्य नहीं हो पाई गेवरा खदान में कोयला उत्पादन संबंधित किसी तरह की गतिविधियां नहीं हुई दीपक खदान में हड़ताल का मिलाजुला असर पड़ा है आउटसोर्सिंग कार्य में लगे कंपनियों द्वारा डिस्पैच कार्य बदस्तूर जारी रहा सिर्फ एसईसीएल के विभागीय कर्मी ही हड़ताल पर रहे यही स्थिति एसईसीएल कुसमुंडा में उत्पादन से जुड़े ज्यादातर गर्मी काम पर नहीं आए इससे डंपर और सहित अन्य भारी वाहनों की लंबी कतार लगी रही आउटसोर्सिंग में लगे कंपनियों में सामान्य दिनों की तरह कोयला डिस्पैच किया है अंडर ग्राउंड माइंस में कोयला उत्पादन और डिस्पैच कार्य पूर्ण रूप से बन रहे इससे एसईसीएल सहित कोल इंडिया को करोड़ रुपए की आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है.

पावर प्लांटों को नहीं मिला कोयला खदानों में हड़ताल की वजह से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के विभिन्न पावर प्लांटों को कोयला नहीं मिल पाई मानिकपुर खदान से कोरबा पूर्व ताप और मरवा विद्युत संयंत्र को कोयला नहीं मिल पाई माल गाड़ियों की रेट को साइडिंग आज दिन भर खड़ी रही इससे कोयला खदान का कार्य नहीं हो पाई हसदेव ताप विद्युत संयंत्र और कुसमुंडा खदान से कन्वेयर बेल्ट से कोयला नहीं मिल पाई डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी थर्मल पावर प्लांट को भी खदानों से कोयला नहीं मिल पाई हालांकि पावर प्लांटों से कोयला का पर्याप्त भंडारण होने से बिजली उत्पादन प्रभावित नहीं हुई है कोरबा संयंत्र और एनटीपीसी एनटीपीसी कोरबा और सीपत संयंत्र को गेवरा एवं दीप का खदान से कोयला पर्याप्त मात्रा में मिलने की पुष्टि SECL ने की है।

इस हड़ताल को लेकर इंटक के महामंत्री गोपाल नारायण सिंह ने बताया सरकार मांगी पूरी करें अन्यथा हड़ताल जारी रहेगी उन्होंने बताया कमर्शियल माइनिंग के विरोध में हड़ताल किया गया है सरकार यदि मांग स्वीकार करती है तो हड़ताल वापस लिया जा सकता है अन्यथा हड़ताल जारी रहेगी वही इस हड़ताल को लेकर मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया और चेतावनी देते हुए कहा की हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को नो वर्क नो पे नियम लागू किया जाएगा वहीं 3 दिनों तक लगातार हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों के 8 दिनों का वेतन काटा जाएगा प्रबंधन के इस फरमान के बावजूद कोल इंडिया के कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं.

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