Chhattisgarh

कुसमुण्डा : वेतन विसंगति को लेकर मजदूरों ने तपती धूप में काटे दो दिन.. परिणाम रहा शून्य.. कम्पनी के खिलाफ खोला मोर्चा.

छत्तीसगढ़/कोरबा : कुसमुण्डा एसईसीएल परियोजना में मिट्टी कटिंग का कार्य करने वाली नारायणी कम्पनी के 42 मजदूरों ने उन्हें होने वाले मासिक भुगतान में अनिमिता को लेकर कम्पनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मजदूरों का कहना था की वे बीते 5 से 6 माह से नारायणी कम्पनी में कार्य कर रहे है, और उन्हें प्रतिदिन 300 से 350 के हिसाब से वेतन दिया जाता है, जबकि कोल इंडिया द्वारा जारी एलपीसी के आधार पर अकुशल मजदूरों को 700 से 800 रुपये प्रतिदिन मिलना चाहिए।

आपको बता दें ये सभी जरूर अकुशल कामगार है परन्तु भरी गर्मी में खदान के नीचे उतर कर भारी मशीनों में ग्रीसिंग से लेकर बड़े-बड़े टायर बदलने का कार्य करते है। मजदूरों ने सबसे वेतन में विसंगति की शिकायत को लेकर अपनी ही कम्पनी के अधिकारियों से इस सम्बंध में बात करनी चाही पर किसी ने उनकी नही सुनी, जिस पर आक्रोशित मजदूर कुसमुंडा मुख्य महाप्रबन्धक के कार्यालय आये जहां उन्होंने अपनी बात प्रोजेक्ट के असिस्टेंट मैनेजर शैलेन्द्र परासर को बताई। उन्होंने नारायणी कंपनी के अधिकारियों को बुला कर उनकी वेतन विसंगतियो को दूर करने कहा, परन्तु कोई परिणाम नही निकला जिसपर मजदूरों को मुख्यमहाप्रबन्धक खनन कार्यालय के सामने ही 3 से 4 घण्टे धूप में बिताने पड़ गए।

मजदूरों के साथ हो रहे इस अन्याय की सूचना जैसे ही कोरबा जिलापंचायत उपाध्यक्ष श्री अजय जायसवाल को लगी वे कुसमुण्डा मुख्यमहाप्रबन्धक कार्यालय मजदूरों से मिलने पहुंचे उनसे उनके साथ हो रहे इस अन्याय को जाना और तत्काल प्रबन्धन के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया जिस पर प्रबन्धन ने नारायणी कम्पनी के अधिकारियों व मजदूरों के साथ त्रिपक्षीय बैठक की व्यवस्था की जिसमे मजदूरों का पक्ष बड़ी ही मजबूती के साथ श्री जायसवाल ने रखा, परन्तु नारायणी कम्पनी के अधिकारी भी अपनी जिद पर अड़े रहे, जिस पर श्री जायसवाल ने कहा कि अगर मजदूरों को उनके हक का वेतन नहीं मिलेगा तो काम शुरू नहीं होगा। खदान में मिट्टी कटिंग का काम बंद होने से कोयला उत्पादन में नुकसान होता देख मुख्यमहाप्रबन्धक खनन श्री बी के जेना,एरिया पर्सनल मैनेजर पी के जैन, प्रोजेक्ट असिस्टेंट मैनेजर शैलेंद्र परासर ने भी नारायणी कम्पनी को कोल इंडिया द्वारा निर्धारित एलपीसी के आधार पर मजदूरों को वेतन भुगतान करते हुए जल्द से जल्द काम शुरू करवाने की बात कही, जिस पर नारायणी कम्पनी के अधिकारियों ने कल सुबह 10 बजे तक का समय मांगा जिसमे अपने उच्च अधिकारियो से बात कर वेतन के सम्बंध चर्चा करने की बात कही, जिसे सुन सभी मजदूर घर चले गए इस उम्मीद के साथ कि कल का सवेरा उनके जीवन मे नया सवेरा लेकर आएगा।

संवाददाता : ओम गभेल

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