Chhattisgarh

जांजगीर-चाम्पा : ‘खरीफ फसल की खेती-किसानी की अच्छी तैयारी करने राजीव गांधी न्याय योजना होगी मददगार’ – राणा दिनेश सिंह 

  • न्याय योजना की पहली किश्त के 64 हजार 300 रुपए जमा हुए श्री राणा के खाते में
  • राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसान हुए खुशहाल
  • खरीफ की तैयारी में न्याय योजना की पहली किश्त की राशि मिलने से किसानों का बढ़ा उत्साह

छत्तीसगढ़/जांजगीर चांपा : अकलतरा के प्रतिष्ठित किसान राणा दिनेश सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने अपना वादा निभाया। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण उत्पन्न विपरीत आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो गयी है। लोगो को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में राजीव गांधी किसान योजना किसानो के लिए मददगार साबित होगी। आगामी खरीफ फसल के लिए किसान खाद, बीज और खेती से सबंधित अन्य जरूरत का समान खरीद सकेंगे। उन्हें कर्ज लेने की आवश्यकता नही होगी। इससे किसानो का उत्साह बढ़ा है।

श्री दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें राजीव गांधी किसान योजना के तहत कुल एक लाख 76 हजार 456 राशि मिलनी है। प्रथम किस्त के रूप में 64 हजार 300 रूपए उनके खाते में जमा हो गए हैं। उन्होंने समर्थन मूल्य पर 257 क्वींटल धान बेचा था। राज्य सरकार की मंशानुसार 2500 रूपए प्रति क्वींटल की दर से उन्हें 6 लाख 44 हजार रूपए मिलना था। लेकिन निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार चार लाख 67 हजार 544 रूपए का भुगतान हुआ था। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से शेष राशि एक लाख 76 हजार 456 का भुगतान किया जा रहा है। प्रथम किस्त की राशि से उन्होंने कोरोना पीड़ित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 5100 रुपए जमा करवाए हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि स्वेच्छानुसार पीड़ितों की मदद के लिए अवश्य सहयोग करें।

कृषक परदेशी राम साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार का माना आभार-

इसी प्रकार अकलतरा ब्लाक के ग्राम कोटगढ़ के किसान श्री परदेशी साहू ने बताया कि उनकी 2.5़ एकड़ लगभग की खेती है। समर्थन मूल्य पर उन्होंने करीब 40 क्विंटल धान बेचा था। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिली राशि से वे खरीफ फसल की तैयारी करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार को किसान हितैषी बताते हुए धन्यवाद दिया है।

युवा वर्ग खेती-किसानी से जुड़ने प्रेरित होंगे- अलखराम

कोटगढ़ निवासी श्री अलखराम ने बताया कि उनके शामिलात खाते में 4.5 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने करीब 70 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था। राज्य सरकार ने वादे के अनुसार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अंतर की राशि का भुगतान किया है। पहली किस्त मिल जाने से आगे खरीफ फसल की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न विपरित आर्थिक स्थिति में किसानों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण भयावह बेरोजगारी की स्थिति निर्मित हो गई है। न्याय योजना से युवा वर्ग भी खेती किसानी के लिए रुचि लेने प्रेरित हो रहे हैं।किसानों के हित में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिए उन्होंने राज्य सरकार का आभार माना।

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