Chhattisgarh

राजनांदगांव : क्वारेंटाइन सेंटर में अव्यवस्था और भगदड़.. प्रशासन की लापरवाही के बीच प्रवासी मजदूर भी लापरवाह.

छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजीटिव मरीज की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। किन्तु इसके बावजूद भी क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था काफी बदहाल है। ऐसा ही खैरागढ़ ब्लॉक के ग्राम खम्हारडीह में प्रवासी मजदूरों के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। यहाँ पंखा इत्यादि नही होने से मजदूर कमरे के बाहर सोते हैं उन्हें दरी आदि भी नही दिया गया है। न ही भोजन आदि की व्यवस्था है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है इसी बीज राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम खम्हारडीह में काफी तादाद में प्रवासी मजदूर गुजरात तथा महाराष्ट्र से आए हुए हैं। इन प्रवासी मजदूरों को गांव के ही प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक शाला में ठहराया गया है। जानकारी के मुताबिक कुल 162 मजदूर गुजरात व महाराष्ट्र से आए हुए हैं यहां अव्यवस्था का आलम यह है कि 2 अलग-अलग कोरोना प्रभावित राज्यों से आए हुए मजदूरों को एक साथ रखा गया है। ये मजदूर अलग-अलग समय पर आए हुए हैं कोई 14 दिन पहले आया है तो कोई 4 दिन पहले लेकिन 14 दिन पूर्ण कर चुके लोगों को 4 दिन वालों के साथ ही रखा गया है और रिकॉर्ड में उनकी उपस्थिति 14 दिन दर्ज होने पर उसके आधार पर उन प्रवासी मजदूरों को घर भेज दिया गया है तथा कुछ और मजदूरों को घर भेजने की तैयारी है। ये स्थिति प्रशासन के इस व्यवस्था पर बड़ा सवाल पैदा करता है कि जो मजदूर आपस में मिलकर एक साथ एक कमरे में समय बिता रहे हैं उन्हें कैसे 14 दिन पूर्ण बताकर कर भेजा जा रहा है। इसके अलावा शौचालय तथा नहाने के लिए व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं है जिसकी वजह से प्रवासी मजदूरों में शामिल महिलाएं खुले मैदान में नहाती हैं। इस क्वारेंटाइन सेंटर के सिर्फ एक कमरे में ही पंखा है और अन्य कमरों में पंखे नही है जबकि अंदर में महिलाएं तथा बच्चे भी शामिल हैं। खाने के लिए नाश्ता तथा खाना घर से ही आता है पंचायत या प्रशासन द्वारा कुछ नही दिया जाता। जिसकी वजह से उनके घर वाले मजदूरों के लिए खाना लेकर आते हैं तथा खाना देते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इस क्वारेंटाइन सेंटर की जिम्मेदारी सरपंच के अलावा ग्राम पंचायत के सचिव,एक शिक्षक तथा कोटवार को दी गई है जिनमें से कोटवार,शिक्षक और सचिव तीनों सुबह 10 बजे तक क्वारेंटाइन सेंटर में नही पहुँचे थे और प्रवासी एकजुट होकर जमा थे। कुछ दिन पूर्व ही इस क्वारेंटाइन सेंटर से स्वास्थ्य विभाग ने 25 लोगों के सैंपल लिए थे जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन ने राहत की सांस ली। किंतु क्वारेंटाइन सेंटर के अंदर प्रवासी मजदूरों द्वारा भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही किया जा रहा है और जो लापरवाही की जा रही है उससे आगे स्थिति बिगड़ सकती है कुल मिलाकर ग्राम खम्हारडीह के क्वारेंटाइन सेंटर में प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।

संवाददाता : सन्नी यदु

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