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कोरबा: अगले तीन दिनों में क्वारेंटाइन सेंटरों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं और तैयारियां करने कलेक्टर ने दिए निर्देश.. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा.

छग/कोरबा: रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में गये श्रमिकों को कोरबा वापसी पर 14 दिन के क्वारेंटाइन में रखा जायेगा। श्रमिक बाहर से आकर सीधे अपने गांव नहीं जा पायेंगे। जिला प्रशासन ने अपनी जानकारी के हिसाब से लगभग दस हजार ऐसे श्रमिकों के कोरबा वापस लौटने की संभावना जताई है और उनकी घर वापसी पर क्वारेंटाइन करने के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। जिले के गांवों-शहरों में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाहर से आने वाले सभी श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 प्रोटोकाल का भी पालन कराया जायेगा। कलेक्टर किरण कौशल ने आज वीडियो कांफेंसिंग के माध्यम से तीनों अनुभागों के एसडीएम, पुलिस अधिकारियों सहित सभी विभागों के मैदानी अमले के साथ क्वारेंटाइन सेंटरों में अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की और आगामी तीन दिनों में सभी जरूरी सुविधाएं निर्धारित किये गये क्वारेंटाइन सेंटरों में अनिवार्यतः सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने क्वारेंटाइन सेंटरों में प्रभारी अधिकारी, सहायक प्रभारी अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई, भोजन व्यवस्था के प्रभारी, सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी सहित अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाओं के लिये नामजद जिम्मेदारी लिखित में सौंपने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ एस. जयवर्धन, नगर निगम के आयुक्त राहूल देव, अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया सहित जिला स्तरीय अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

अब तक चिन्हाकित किये गये 61 क्वारेंटाइन सेंटर- जिले में अन्य प्रांतों से आने वाले श्रमिको को कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए क्वारेंटाइन रखने 61 विभिन्न स्कूल भवनों का चिन्हांकन किया गया है। इन सभी स्कूल भवनों में बिजली, पानी, साफ-सफाई सहित सुरक्षा की व्यवस्था आगामी तीन दिनों में पूरे करने के निर्देश कलेक्टर किरण कौशल ने आज वीडियो कंाफेंसिंग के जरिये दिये। उन्होंने प्रभारी अधिकारियों को गर्मी के मौसम को देखते हुए स्कूलों में पंखे आदि की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी क्वारेंटाईन सेंटरों में क्षमता के हिसाब से शौचालयों और नहाने के लिए बाथरूम की अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी स्थिति में बाहर से आये हुए इन श्रमिकों द्वारा गांव के निस्तारी तालाब का उपयोग नहीं होने देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सभी क्वारेंटाइन सेंटरों में रूकने वाले श्रमिकों के लिए डिस्पोजेबल दोना-पत्ता, गिलास आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उपयोग के बाद इन सामानों का डिप-बरियल विधि से निष्पादन करने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। क्वारेंटाइन सेंटरों में कलेक्टर ने बाल्टी, मग, पानी के लिए ड्रम, पीने के ठंडे पानी के लिए मटके, खाना बनाने एवं परोसने के लिए अलग-अलग पर्याप्त बरतन, नहाने और कपड़े धोने के साबुन आदि पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्वारेंटाइन सेंटर का समय-समय पर सेनेटाइजेशन करने के लिए एक-एक स्प्रेयर पंप तथा हाइपो विलियन की पर्याप्त मात्रा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने हर हफ्ते सफाई सामग्रियों झाडु, खरेटा, फिनाईल, सर्फ आदि का सेट सेंटरों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने क्वारेंटाइन में रखे गये श्रमिकों को दो-दो कपड़े के मास्क भी देने के निर्देश दिए हैं। जिन क्वारेंटाइन सेंटरों में सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल नहीं हैं वहां आगामी तीन दिनों में बांस-बल्ली से बेरिकेटिंग कर प्रकाश व्यवस्था सहित सुरक्षित करने के निर्देश कलेक्टर ने बैठक में दिए।

बिना सुरक्षा साधनों के क्वारेंटाइन सेंटरों के अंदर जाने की मनाही, अधिकारियों को भी मिलेंगे सुरक्षा साधन- बैठक में कलेक्टर ने कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा के प्रोटोकश्ल का पालन करते हुए अधिकारियों को अपने दायित्वों का निवर्हन करने के निर्देश दिए । उन्होंने क्वारेंटाइनसेंटरों में काम पर लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए मास्क, ग्लोब्स, डिलेवरी किट, हैड केप, सेनेटाईजर आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने किसी भी स्थिति में किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बिना सुरक्षा साधनों के क्वारेंटाइन सेंटरों के भीतर जाने की भी मनाही की है।

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