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राजनंदगाँव: कोविड-19 के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में 160 बेड पूर्ण रूप से तैयार.. कलेक्टर मौर्य ने मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण.

छग/राजनांदगांव: कोविड-19 से पीडि़त मरीज का इलाज आसान नहीं होता है. ऐसे समय में जिले में महाराष्ट्र की सीमा से लगा होने कारण बागनदी बार्डर की ओर से महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान एवं अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों की आवाजाही बढ़ी हुई है. कोविड-19 हास्पिटल (शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव) एक सशक्त एवं प्रभावी उपचार केन्द्र रहेगा. कुल 480 बेड का कोविड-19 हॉस्पिटल है जिसमें से 160 बेड पूर्ण रूप से इलाज के लिए तैयार है. कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आज पेण्ड्री स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया. उन्होंने यहां सभी डाक्टरों से बातचीत की और व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली.

रक्त परीक्षण के लिए पैथोलॉजी लैब-
प्रथम तल में फ्लू ओपीडी चल रहा है. फ्लू ओपीडी मरीजों का परीक्षण कर कोविड-19 का सेम्पल यहीं से लेने की व्यवस्था की गई है. जिनका रिपोर्ट पॉजिटिव होगा उन्हें ही हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा. यह डेजिगनेटेड (मनोनीत) कोविड-19 ट्रिटमेंन्ट सेन्टर है. जहां कोविड-19 मरीज का इलाज किया जाएगा. प्रथम तल में ही कोविड-19 गर्भवती माता के लिए वार्ड, सिजेरियन एवं सामान्य प्रसव कक्ष की व्यवस्था की गई है. रक्त परीक्षण के लिए पैथोलॉजी लैब स्थापित किया गया है.

द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ तल में कोविड-19 वार्ड –
द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ तल में कोविड-19 वार्ड है. हर तल में 4 वार्ड है, जिनमें से 2 महिला के लिए और 2 पुरूष वार्ड है. 160 बेड में से 120 बेड हल्के लक्षण के मरीजों, 15 बेड आईसीयू के गंभीर मरीज, 25 बेड कोविड-19 मरीज हाई डिपेन्डेंसी यूनिट में रखा जाएगा. तृतीय और चतुर्थ तल में दु्रत गति से निर्माण कार्य चला रहा है. एक हफ्ते के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा. मरीज के निगरानी के लिए सीसीटीव्ही कैमरा, टू-वे कम्प्यूनिकेशन सिस्टम, हर वार्ड में माईक सिस्टम, टीवी और आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है. सीसीटीव्ही कैमरा के माध्यम से मरीजों की सतत निगरानी की जाएगी। माईक के माध्यम से उन्हें भोजन, दवाई लेने के लिए संचार व्यवस्था बनी रहेगी. उनके इलाज के लिए डॉक्टर एवं नर्स की टीम 24 3 7 सेवाएं देंगे. आईसीयू में 15 बेड तैयार है. जिसमें वेन्टीलेटर, मल्टीपैरा मॉनिटर, डीफेब्रीलियेशन एवं अन्य जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध है. मरीज के एक्स-रे के लिए पोर्टेबल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

डॉक्टर एवं नर्स 14 दिन क्वारेंटाइन के लिए हॉस्पिटल में ही रहेंगे –
डॉक्टर एवं नर्स जो ड्यूटी पर तैनात रहेंगे उनके लिए आवास एवं भोजन की व्यवस्था हॉस्पिटल में ही रहेगी. ड्यूटी के उपरोत डॉक्टर एवं नर्स 14 दिन क्वारेंटाइन के लिए हॉस्पिटल में ही रहेंगे. जहां उनके लिए टीव्ही, वाशिंग मशीन, आरओ वाटर की व्यवस्था की गई है. डॉक्टर एवं स्टाफ के क्वारेंटाइन एवं देखभाल दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के निगरानी में टीम बनाई गई है. उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अलग टीम बनाई गई है जो समय-समय पर इनसे संपर्क स्थापित कर कॉउंसलिंग करेंगे. योग एवं संगीत के लिए ऑनलाईन व्यवस्था की गई है.

भविष्य में यहां पर भी आरटीपीसीआर टेस्ट हो सकेगा –
मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग ने कोविड-19 वायरोलॉजी लैब स्थापना की जा रही है. जिससे भविष्य में यहां पर भी आरटीपीसीआर टेस्ट हो सकेगा. अभी सेम्पल रायपुर एम्स भेजा रहा है. इस लैब के बन जाने से जांच की सुविधा यहीं हो जाने से मरीज के त्वरित इलाज में आसानी होगी.

मानव संसाधन एवं स्टैण्डर्ड ऑपरेटिव प्रोसिजर-
जिसके तहत मरीज को उपचार उपलब्ध कराने के लिए आदर्श मार्गदर्शिका तैयार कर ली गई है एवं विभिन्न टीमों का गठन कर लिया गया है. जैसे आईसीयू टीम, बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट टीम, इन्फेक्शन कन्ट्रोल टीम का गठन कर लिया गया है. वर्तमान में 160 बेड के हिसाब से मानव संसाधन उपलब्ध है. 480 बेड पूर्ण होने पर अतिरिक्त मानव संसाधन की व्यवस्था की जाएगी. मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. रेणुका गहिने, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक, कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. अजय कोसम एवं अन्य डॉक्टर उपस्थित थे.

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