Chhattisgarh

महिलाओं ने किया शराब दुकान खुलने का विरोध, क्षेत्रीय विधायक ने कहा यह शराब बेचने वाली सरकार है

INN24 अकलतरा– लॉकडाउन से 3 दिन पूर्व से ही बंद दुकानें आज 43 दिन बाद सरकार ने शर्तों के साथ खोलीं। शराब दुकानें खुलते ही शौकीनों की भीड़ उमड़ पड़ीं। आलम ये रहा कि दुकान 8 बजे से खुलनी थी लेकिन लोग भोर 6 बजे से ही लाइन में खड़े रहे। ऐसा नजारा तो राशन दुकानों के सामने भी देखने को नहीं मिलता है।अकलतरा के शासकीय शराब दुकानों में प्रशासन के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा नियम का पालन कराने की तैयारी कुछ ख़ास नहीं दिखा। सुबह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के अलावा ग्राहकों का हाथ सेनिटाइज कराया जाना था इसके बाद ही उन्हें शराब परोसी जानी थी परन्तु विभाग द्वारा ऐसा नहीं किया गया। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी रही। इधर विधानसभा अकलतरा के ग्राम कापन में रहने वाली महिलाओं ने दुकान खुलने के विरोध में हल्ला बोला।
शराब दुकानों में शराब प्रेमियों की दुकान खुलने के निर्धारित समय से 2 घंटे पूर्व से ही लाइन लगनी शुरु हो गई। शराब के लिए लोग
3-3 घंटे तक लाइन में खड़े नजर आए। गौरतलब है कि इस दिन का शराब प्रेमियों का 43 दिन से इंतजार था।
सभी शासन के आदेश की आस लगाए बैठे थे। इधर लॉकडाउन-3 की घोषणा के साथ ही शासन ने राजस्व बढ़ाने शराब दुकानें खोलने के आदेश जारी कर दिए। यह आदेश सुनकर शराब प्रेमियों के चेहरे खिल उठे। यही कारण है कि 4 मई की सुबह ही उन्होंने शराब दुकानों की ओर दौड़ लगा दी।
देनी पड़ रही शराब की अधिक कीमत
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शराब की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है। ऐसे में पुराने स्टॉक पर भी नए रेट के साथ शराब बेची जा रही है। 80 रुपए की बीयर के लिए शराब प्रेमियों को 100 रुपए तक चुकाने पड़े। वहीं 1000 तक की शराब की बोतलों के लिए 1200 रुपए देने पड़े। शराब प्रेमियों में किसी ने भी बढ़े रेट का विरोध नहीं, उन्हें सिर्फ शराब मिलने से मतलब थी।
महिलाओं ने किया विरोध, कहा- होती है अभद्रता
ग्राम कापन में रहने वाली महिलाओं ने शराब दुकान खुलने का विरोध किया। वे घर से बाहर निकल आईं और वहां मौजूद अधिकारियों से हमेशा के लिए शराब दुकान बंद करने की मांग की। खास बात यह रही कि इस पूरे वाक्ये के दौरान आबकरी विभाग की टीम मुकदर्शक बनकर खड़ी रह।इस दौरान आबकारी अधिकारी समेत पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
महिलाओं का कहना था कि शराब बिक्री करने वाले तथा शराब खरीदने वाले लोग कई बार उनके घर के दरवाजे तक आकर बैठ जाते है। कभी दरवाजा खटखटाते हैं तो कभी अभद्र व्यवहार करते हैं।
छत्तीसगढ़ में भी अब विदेशी शराब की ऑनलाइन बिक्री को राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बीजेपी विधायक सौरभ सिंह ने इसकी आलोचना करते हुए भूपेश सरकार को ‘‘दारू बेचने वाली सरकार’’ करार दिया है।विधायक ने बोला जो वादा किया है वो निभाना पड़ेगा,दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार चुनाव के पहले प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी का वादा  था और अब नई आबकारी नीति के तहत अब पूरे छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब ऑनलाइन भी खरीदी जा सकेगी।
बीजेपी विधायक ने कहा, “हम तो सोच रहे थे कि भूपेश सरकार सूबे में निवेश को बढ़ावा देते हुए नए कारखाने खुलवाएगी, युवाओं को रोजगार देगी, नए अस्पताल खोलेगी, किसानों को खाद-बीज मुहैया करायेगी और दूध उत्पादन को बढ़ावा देगी। लेकिन सरकार ने ऑनलाइन दारू (शराब) बेचने का फैसला किया है।यह शराब बेचने वाली सरकार है। उन्होंने कहा, “आगे-आगे देखते जाइए कि राज्य में क्या होता है।”
संवाददाता-अविनाश सिंह, अकलतरा
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