Chhattisgarh

कोरबा: मोबाईल बना गुरूजी.. “पढ़ई तुंहर दुआर” के माध्यम से जिले के 81 हजार से अधिक छात्रों की हो रही घर बैठे पढ़ाई.

छग/कोरबा: देश में लॉकडाउन के कारण अन्य प्रदेशों के साथ ही छत्तीसगढ़ के हर जिले के स्कूल बंद है। इस लाॅक डाउन की स्थिति में भी कक्षा 9 वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी आंचल, ओम प्रकाश, आयुष, पारस, नूतन, पवन, नीतू तथा अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के लिए मोबाईल गुरूजी का काम कर रहा है। कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चे खेल-खेल में मोबाईल के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी कर रहे हैं। लाॅक डाउन के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने ‘‘पढ़ई तुंहर दुआर‘‘ नाम से ऑनलाईन पोर्टल तैयार किया है। ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से शिक्षक तथा छात्र अपने अपने घरों से ही वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड रहे है। इस पोर्टल में घर बैठे ही अपने मोबाईल या कंप्यूटर के माध्यम से लाॅग ईन करके ऑनलाइन शिक्षा का लाभ लिया जा सकता है। पढ़ई तुंहर दुआर छत्तीसगढ़ का पहला बड़ा ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफार्म है जो अन्य हिन्दी भाषी राज्यों के छात्रों के लिए भी लाभदायक है। कोरबा जिले के बच्चों में ऑनलाईन पढ़ाई को लेकर काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी पढ़ने में रूचि दिखा रहे है। पढ़ई तुंहर दुआर ऑनलाईन पोर्टल से जिले के सात हजार 477 शासकीय एवं निजी स्कूलों के शिक्षक के साथ इक्यासी हजार 471 विद्यार्थी भी जुड़ गये हैं तथा छात्रों और शिक्षकों के समूह से बनी दो हजार 099 वर्चुअल क्लास निर्मित की जा चुकी है। जिले में बच्चों की ऑनलाईन पढ़ाई शुरू हो गयी है।

 

जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पाण्डेय ने बताया कि स्कूल के प्रधान पाठक, प्राचार्य और संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बच्चों को मोबाईल के जरिये कक्षा पहली से बारहवीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों की कक्षावार साप्ताहिक समय-सारिणी भी तैयार की गयी है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर आयोजित कोई भी संबंधित क्लास से जुड़ कर शिक्षा प्राप्त कर सकते है। विद्यार्थियों को समय-सारिणी की जानकारी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर भी दी गयी है। इसके साथ ही विभिन्न माध्यमों से भी उन्हें अवगत कराया गया है। आनलाईन पढ़ाई के दौरान शिक्षकों द्वारा छात्रों को होमवर्क भी दिए जा रहे है छात्र संबंधित होमवर्क का काम पूरा करके होमवर्क का फोटो खिंच कर ऑनलाइन पोर्टल में अपलोड कर रहे है प्राप्त होमवर्क का शंका समाधान शिक्षा द्वारा की जा रही है।

जिले के जिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेट समस्या है, ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में लगन शील शिक्षा बच्चों को विभिन्न तरीकों के जरिये शिक्षा दे रहे हैं। मिडिल स्कूल हरदा, कटघोरा के शिक्षा राजेश जांगड़े लाॅक डाउन के इस स्थिति में भी सप्ताह में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बच्चों व पालकों को वर्चुअल क्लास में कैसे भाग लें तथा आनलाईन होमवर्क कैसे अपलोड करें इसकी विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। बच्चे उत्साहित होकर इस आनलाईन क्लास में भाग ले रहे हैं तथा शिक्षकों द्वारा दूरस्थ गांवों में जाकर पढ़ाई संबंधी वीडियो को बच्चों के अविभावकों या बड़े भाई-बहन के मोबाइल में अपलोड करने का काम कर रहे है। नेटवर्क की समस्या को देखते हुए शिक्षकों यह एक नया तरीका बच्चों को सिखाने में कारगार साबित हो रहा है। शिक्षकों के इस कार्य को बच्चों के अविभावकों द्वारा सराहा जा रहा है। मोबाइल में अपलोड की गयी विडियो से अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ा रहे है।

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