Chhattisgarh

खाद-बीज की क्वालिटी को लेकर शिकायत न आए : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल : रायसानिक उर्वरकों के लाट का अनिवार्य रूप से किया जाए सेम्पल टेस्ट

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों को खरीफ के लिए बेहतर क्वालिटी का बीज और मानक गुणवत्ता वाले रायसानिक उर्वरकों के उपलब्धता सुनिश्चित  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि खाद-बीज क्वालिटी का लेकर किसी भी तरह की षिकायत नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जिलों में भेजे जा रहे खाद-बीज की क्वालिटी की समय-समय पर सघन जांच पड़ताल करने के भी निर्देष दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय के सभाकक्ष में कृषि विभाग के कामकाज के साथ ही आगामी खरीफ सीजन को लेकर कृषि विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, मुख्य सचिव श्री आर. पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती मनिंदर कौर द्विवेदी, उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सुश्री सौम्या चैरसिया सहित, दुग्ध महासंघ के महाप्रबंधक श्री नरेन्द्र दुग्गा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि किसानों को खरीफ के लिए खाद एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिलों में इसका पर्याप्त भण्डारण किए जाने के साथ ही सोसायटियों से वितरण भी शुरू कर दिया गया है। खरीफ सीजन के लिए 9 लाख 7 हजार 800 क्विंटल विभिन्न किस्म के बीज की मांग के मद्देनजर अब तक 2 लाख 78 हजार 469 क्विंटल बीज का भण्डारण डबल लॉक केन्द्रों एवं सोसायटियों में किया जा चुका है। इसी तरह खरीफ सीजन के लिए विभिन्न किस्म के 11 लाख 30 हजार मीटरिक टन रासायनिक उर्वरक के वितरण का लक्ष्य के विरूद्ध अब तक जिलों में 6 लाख 9 हजार 621 मीटरिक टन उर्वरक का भण्डारण कराया जा चुका है।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस साल के खरीफ सीजन के लिए 9 लाख 7 हजार 800 क्विंटल बीज के वितरण का लक्ष्य है, जो बीते वर्ष की तुलना में 67 हजार क्विंटल अधिक है। खरीफ सीजन वर्ष 2019 में 8 लाख 40 हजार 710 क्विंटल बीज का वितरण किया गया था। इसी तरह इस साल खरीफ सीजन में 11 लाख 30 हजार मीटरिक टन खाद्य वितरण का लक्ष्य है, जो बीते खरीफ सीजन में वितरित 8 लाख 87 हजार 590 मीटरिक टन से 2 लाख 42 हजार 410 मीटरिक टन ज्यादा है। कृषि उत्पादन आयुक्त  ने बताया कि रायपुर जिले में अब तक 18 हजार 470 क्विंटल, बलौदाबाजार में 17 हजार 561 क्विंटल, गरियाबंद में 7007 क्विंटल, महासमुंद में 23 हजार 462 क्विंटल, धमतरी में 10 हजार 184 क्विंटल, दुर्ग जिले में 13 हजार 653 क्विंटल, बालोद में 15 हजार 643 क्विंटल, बेमेतरा में 9 हजार 157 क्विंटल, राजनांदगांव में 13 हजार 196 क्विंटल, कबीरधाम में 2461 क्विंटल, बिलासपुर में 9812 क्विंटल, मुंगेली में 2667 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 88 हजार 331 क्विंटल, कोरबा में 3780 क्विंटल, रायगढ़ में 21 हजार 389 क्विंटल, सरगुजा में 1050 क्विंटल, सूरजपुर में 1380 क्विंटल, बलरामपुर में 1335 क्विंटल, कोरिया में 3402 क्विंटल, जशपुर में 2544 क्विंटल, जगदलपुर में 3359 क्विंटल, कोण्डागांव में 1522 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 229 क्विंटल, सुकमा में 1700 क्विंटल, कांकेर में 2865 क्विंटल, बीजापुर में 1810 क्विंटल तथा नारायणपुर में 300 क्विंटल बीज का भण्डारण किया जा चुका है। सोसायटियों के माध्यम से  किसानों द्वारा अब तक 10 हजार 144 क्विंटल खरीफ बीज का अग्रिम उठाव भी किया जा चुका है।
इसी तरह रायपुर जिले में अब तक 75 हजार 918 मीटरिक टन,  बलौदाबाजार में 51 हजार 493 मीटरिक टन, गरियाबंद में 15 हजार 684 मीटरिक टन, महासमुंद में 38 हजार 457 मीटरिक टन, धमतरी में 26 हजार 483 मीटरिक टन, दुर्ग जिले में 23 हजार 164 मीटरिक टन, बालोद में 28 हजार 226 मीटरिक टन, बेमेतरा में 25 हजार 851 मीटरिक टन, राजनांदगांव में 37 हजार 125 मीटरिक टन, कबीरधाम में 19 हजार 710 मीटरिक टन, बिलासपुर में 43 हजार 688 मीटरिक टन,  मुंगेली में 16 हजार 171 मीटरिक टन, जांजगीर-चांपा में 34 हजार 83 मीटरिक टन, कोरबा में 4162 मीटरिक टन, रायगढ़ में 41 हजार 38 मीटरिक टन, सरगुजा में 20 हजार 400 मीटरिक टन, सूरजपुर में 19 हजार 943 मीटरिक टन, बलरामपुर में 13 हजार 664 मीटरिक टन, कोरिया में 12 हजार 448 मीटरिक टन, जशपुर में 7792 मीटरिक टन, जगदलपुर में 18 हजार 864 मीटरिक टन, कोण्डागांव में 8239 मीटरिक टन, सुकमा में 2120 मीटरिक टन, कांकेर में 22 हजार 600 मीटरिक टन, बीजापुर में 899 मीटरिक टन तथा नारायणपुर में 1399 मीटरिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण किया जा चुका है। सोसायटियों के माध्यम से किसानों द्वारा अब तक 46 हजार 818 मीटरिक टन खाद का अग्रिम उठाव किया जा चुका है।

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