Chhattisgarh

लाॅक डाउन में भी खेती-किसानी, मछली पालन, पशु पालन सहित उद्यानिकी की सभी गतिविधियां होंगी संचालित सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना और कोविड प्रोटोकाल का करना होगा पालन, कलेक्टर ने दिए निर्देश

कोरबा : कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जिले में जारी लाॅॅक डाउन के बावजूद भी खेती-किसानी, मछली पालन, पशु पालन, सब्जी एवं फल उत्पादन जैसी सभी गतिविधियां संचालित होती रहेंगी। किसानों से जुड़ी इन सभी गतिविधियों को लाॅक डाउन के दौरान लगाये गये प्रतिबंध से अलग रखा गया है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने किसानों को बीज-खाद वितरण, बोआई, कटाई, सिंचाई, कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए मंडियों में जाने आदि सभी प्रकार की गतिविधियों को निरंतर बिना किसी रोक-टोक के जारी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। श्रीमती कौशल ने खेती-किसानी से लेकर मछली पालन, सब्जी उत्पादन और पशु पालन से जुड़ी सभी गतिविधियों तथा कामों के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने अपने चेहरे को अच्छी तरह ढंकने या मास्क लगाने और कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए शासन के दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील सभी किसानों से की है। उन्होंने कोरोना प्रोटोकाल का खेती-किसानी की गतिविधियों में पूरी तरह पालन कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए हैं।    वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से आज हुई समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती कौशल ने आगामी खरीफ मौसम के लिए बीज-खाद, दवाई आदि के भंडारण, वितरण की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों से ली। कलेक्टर ने लाॅक डाउन के दौरान खेती-किसानी के सभी कामों के लिए किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं होने की जानकारी विभागीय अमले को दी और किसानों को फील्ड में घूमकर अधिक से अधिक तकनीकी सलाह तथा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्रीमती कौशल ने खेती के लिए सोसायटियों से बीजों का उठाव करने, बीजों की बुआई, फसल कटाई, सब्जी तोड़ाई जैसे सभी काम किसानों को एक-एक मीटर दूर रखकर और मास्क पहनना सुनिश्चित कर ही कराने के निर्देश कृषि विभाग के मैदानी अमले को दिए। उन्होंने एक से अधिक क्षेत्रों के प्रभार वाले कृषि, पशु पालन, मछली पालन और उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले को आसानी से किसानों तक पहुंचने के लिए पास जारी करने के निर्देश सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिए। श्रीमती कौशल ने किसानों को खेती के लिए जरूरी कृषि आदान सामग्री, कृषि यंत्र, पंप स्पे्रयर आदि का वितरण भी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय अनुदान पर इन सामग्रियों के लिए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन भी लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्रीमती कौशल ने जिले के सभी कृषि सामग्रियों की दुकानों और कृषि सेवा केंद्रों का नियमित रूप से निर्धारित समय पर खुलना सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए ताकि किसान अपनी जरूरत का सामान आसानी से इन दुकानों से ले सके। कलेक्टर ने कृषि सामग्रियों से संबंधित सप्लाई वाहनों को भी लाॅक डाउन से छूट की जानकारी अधिकारियों को दी और ऐसे सभी सामानों की पर्याप्त आपूर्ति में सहयोग के निर्देश दिए।    श्रीमती कौशल ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिये जिले की आवश्यकतानुसार सब्जी, मछली, दूध, अनाज आदि का उत्पादन जिले में ही अधिक से अधिक मात्रा में हो सके, इसके लिए जरूरी कार्य योजना तैयार कर तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने सब्जी उत्पादन के लिए क्लस्टर चयन करने, मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक मछली पालक किसानों का चयन करने और दूध उत्पादन के लिए किसानों को पशु चारे तथा अन्य जरूरी सामग्रियों की सही दामों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। खेती और उससे जुड़ी इन गतिविधियों को है लाॅक डाउन से छूट-कृकृषि एवं संबंधित गतिविधियां किसानों द्वारा कृषि गतिविधियां तथा कृषि मजदूरों द्वारा खेत में कृषि कार्य, न्युनतम उपार्जन मूल्य पर उपार्जन कृषि उत्पादों के उपार्जन में सम्मलित एजेन्सीयां, मंडी एवं उपमंडी, मंडी से लायसेंस प्राप्त क्रेता-विक्रेता, किसानों से निजी क्षेत्र द्वारा कृषि उत्पाद क्रय प्रक्रिया, ग्राम स्तर से विकेन्द्रीकृत क्रय-विक्रय, कृषि से संबंधित मशीनरी, स्पेयर पार्ट विक्रय एवं मरम्मत की दुकाने (सप्लाई चेन), कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग सेन्टर, खाद, उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज विनिर्माण, वितरण एवं विक्रय की अनुमति होगी। वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वनवासियों द्वारा लघुवनोपज, गैर-काष्ठ वन उत्पाद का संग्रहण, हार्वेस्टिंग तथा प्रसंस्करण की अनुमति होगी। मछली पालन संबंधी समस्त गतिविधियां, पूरक आहार प्रदाय एवं मरम्मत, मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण, कोल्डचेन, विक्रय एवं मार्केटिंग, हैचरी, पूरक आहार उत्पादन यूनिट, व्यवसायिक उत्पादन की अनुमति होगी। काजू एवं अनाजों की प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं बिक्री की अनुमति होगी। दुध एव दुध उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग से लेकर वितरण, बिक्री तक सप्लाई चेन, पशु फार्म, कुक्कुट पालन एवं पशुपालन गतिविधियां, पशु आहार का परिवहन एवं संग्रहण की अनुमति होगी। गौशालाओं के संचालन की अनुमति होगी

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