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वन परिक्षेत्र बाल्को में लॉक डाउन के दौरान बड़े पैमाने पर हो रही अवैध मिट्टी की खुदाई.. शिकायत मिलने पर जाँच में पहुची वन अमले ने पोकलेंड मशीन को जप्ती कर छोड़ा..VIDEO.

छत्तीसगढ़/कोरबा : एक तरफ जहाँ पूरा देश कोरोना वायरस covid19 जैसी वैशयिक महामारी को बढ़ने से रोकने के लिये सरकार पूरी तरह से एहतियात बरत रही है जिसके कारण पूरे देश को लॉक डाउन कर दिया गया है धारा 144 लगा दी गई है। आमजनों  को इन परिस्थितियों में घरों से निकलने से रोक लगा दी गई है ताकि इस वैशयिक महामारी के संक्रमण को हराया जा सके जिसके लिए ऐसे कार्यों को करने व जरूरी वस्तुओं की बिक्री एवं पूर्ति करने के लिए संबंधित संस्थान को सशर्त सेवा को जारी रखने का आदेश दिया गया है और इसका सख्ती से पालन भी कराया जा रहा है। लेकिन इसका पालन वन परिक्षेत्र बाल्को में देखने को नही मिल रहा है।
घटना क्रम कुछ इस प्रकार
वन परिक्षेत्र बालको अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जामबाहर के आश्रित बस्ती रोकबहारी में विवेक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाते हुए वन भूमि एवं वन पट्टे से प्राप्त भूमि को पोकलेंड मशीन लगाकर कई एकड़ जमीन से बड़ी मात्रा में अवैध खुदाई किया जा रहा है तथा खोदे गए मिट्टी को ब्यवसायिक उपयोग करते हुए बड़ी गाड़ियों में ढुलाई कर खपाया जा रहा है जिसकी सम्पूर्ण जानकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी बालको सहित मैदानी स्तर पर काम कर रहे सभी कार्यरत अधिकारी कर्मचारी को है फिर भी उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नही की जा रही है और न ही इस खोदाई को रोकने का काम कर रही है।
हद तो तब हुई जब ठेका कंपनी के द्वारा एक किसान को पट्टे से मिली जमीन को बिना उसके सहमति के खुदाई शुरू कर दिया गया जिसकी जानकारी किसान को हुई तब उन्होंने इसकी शिकायत वन परिक्षेत्र अधिकारी बाल्को लक्ष्मण दास पात्रे को किया तो उन्होंने डिप्टी रेंजर केशव प्रसाद सिदार को पूरी टीम के साथ मौका स्थल रवाना किया जहाँ पहुचने पर डिप्टी रेंजर ने विवेक कंस्ट्रक्शन की तीन मशीन को मौके पर पाया जिसमे से एक मशीन चैन पोकलेंड 320 से मिट्टी खोदने का काम चल रहा था और कई एकड़ जमीन को खोदकर मिट्टी निकाल लिया गया है जिसमें कई पेड़ भी प्रभावित हुए है जिनके जड़ो को छोड़कर चारो तरफ से मिट्टी को काटकर निकाल लिया गया है जिसके कारण कई पेड़ नष्ट होने के कगार पर है।
ऐसे परिस्थितियों में विभाग द्वारा तीन मशीनों मे से सिर्फ एक पोकलेंड मशीन को जप्त कर पंचनामा कार्यवाही की गई जिसमें वन विभाग के डिप्टी रेंजर केशव प्रसाद सिदार, देव सिंह मरावी,बीट गॉर्ड कुर्रे एवं उड़न दस्ता टीम ने शिकायत कर्ता का बयान लिया जिसमें शिकायत कर्ता ने मेरे द्वारा कोई भी कार्य नही कराया जा रहा है और ठेका कंपनी के द्वारा कार्य को करने की बात बताई। पंचनामा के बाद दो मशीनों पर कोई कार्यवाही नही की गई। डिप्टी रेंजर के द्वारा कार्यवाही किये जाने की सूचना बाल्को रेंजर को दी गई। जप्ती होने के कुछ समय पश्चात कार्यवाही के नाम पर खाना पूर्ति करते हुए रेंजर लक्ष्मण दास पात्रे के कहने पर जप्त चैन पोकलेंड मशीन को वापस ठेका कंपनी के सुपुर्द कर दिया।
खबर मिलने पर INN24 News ने जब इस घटना पर हुई कार्यवाही के बारे में पूछताछ की तो बाल्को रेंजर ने गोल मोल जवाब देना शुरू कर दिया और किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही किये जाने की बात करते रहे। शिकायत मिली थी जिस पर मेरे कहने पर डिप्टी रेंजर सहित पूरी टीम जाँच करने गए थे मगर जमीन किस विभाग की है इसकी पुष्टि नही हो सकी जिसके कारण कोई भी कार्यवाही नही किया गया और जमीन किसकी है यह गूगल मैप से जाँच करने पर ही स्पष्ट हो सकेगा जिसमे 2 दिन का समय लगेगा  फिर आगे की कार्यवाही की जाएगी जबकि डिप्टी रेंजर का कहना है कि हमनें चैन पोकलेंड मशीन को जप्त कर पंचनामा तैयार कर कार्यवाही करने की बात कही है और रेंजर के कहने पर पोकलेंड मशीन को वापस ठेका कंपनी को सुपुर्द कर किया गया है।
आपको बता दे कि बाल्को परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण दास पात्रे के द्वारा पूर्व में भी लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाते हुए सतरेंगा परिवार सहित पिकनिक मनाने शासन की गाड़ी में पहुँचे थे जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने की थी। शिकायत मिलने पर DFO कोरबा के द्वारा उनके विरुद्ध कार्यवाही भी की गई थी।लॉक डाउन में इस तरह एक जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा बार बार नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है फिर भी उनके ऊपर कोई ठोस कार्यवाही विभाग के द्वारा नही की जा रही है यह कई सवालों को जन्म दे रहा है।
जब INN24 NEWS ने वन विभाग द्वारा दो दिन बाद गूगल मैप से जानकारी जुटाने के बाद क्या कार्यवाही की गई इस संदर्भ में  जानकारी लेने के लिये वन परिक्षेत्र अधिकारी बाल्को लक्ष्मण दास पात्रे को दूरभाष से संपर्क किया गया तो उन्होंने फ़ोन रिसीव नही किया फिर कोरबा DFO को फ़ोन लगाया गया तो उन्होंने भी फ़ोन रिसीव नही किया जिसके कारण उनका कथन नही मिल सका।अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करती है और जप्त कर वापस सुपुर्द की गई मशीन को राजसात करेगी  या ऐसे ही छोड़ देगी।
इस संदर्भ में जब विवेक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक से जब फ़ोन लगाकर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मेरी तीन मशीन वहाँ धुलने गई थी तभी वहां पर उपस्थित किसान ने मेड़ बनाने को कहा तो मेरी मशीन से काम किया जा रहा था।मशीन जप्त करने की बात की जानकारी  नही होना बताया।

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