Chhattisgarh

राजनांदगांव : सैनेटाइसिंग के नाम पर गड़बड़ी.. सेनेटाइजर की जगह बिलीचिंग पाउडर का प्रयोग.

छत्तीसगढ़/राजनांदगांव : नगरपालिका परिषद डोंगरगढ़ में सेनेटाइज मशीन और लिक्विड खरीदी में हुये फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद सेनेटाइजर छिड़काव में मिलावट का मामला सामने आया है। शहर के भगत सिंह वार्ड नंबर 19 में नकली सेनेटाइजर इस्तेमाल किया जा रहा है।

सेनेटाइजर छिड़काव, नगरपालिका के अधिकारी कर्मचारियों का वार्डवासियों ने किया घेराव

नगरपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारियों का कांग्रेस पार्षद समेत वार्डवासियों ने घेराव कर दिया।वार्डवासियों एवं पार्षद ने आरोप लगाया है की वार्ड में सेनेटाइज का छिड़काव किया जा रहा है, वो नकली सेनेटाइज है। सेनेटाइज के नाम पर उसमे डामर की गोली एवं ब्लीचिंग पावडर का घोल मिला है।

वार्डवासियों के विरोध के बाद पहुंचे अधिकारी

वार्डवासियो का कहना है की इसमें अजीब सी गंध आ रही है। वार्डवासियों के गुस्से को देखते हुए सेनेटाइज करने पहुंचे अधिकारी एवं कर्मचारियों ने इसकी सुचना एसडीएम को दी। एसडीएम ने पालिका के नोडल अधिकारी विजय मेहरा को मौके पर भेजा, नोडल अधिकारी विजय महरा के मौके पर पहुंचने पर वार्डवासियों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई। वार्डवासियों के विरोध को देखते हुये नोडल अधिकारी ने वार्ड में सेनेटाइज के छिड़काव को बंद कराया तथा सेनेटाइज का सैंपल लेकर जाँच के लिये भेजा है। आपको बता दे की नगरपालिका परिषद भ्रष्टाचार का अड्डा बन चूका है।

फर्जीवाडे की जाँच के दोषियों पर होगी कार्यवाही

करोना वायरस से बचाव व् उनके रोकथाम के लिए नगर पालिका में तीन स्पेयर मशीन तथा लिक्विड खरीदी में हुये फर्जीवाडे की जाँच में तत्कालीन सीएमओ पूजा पिल्ले तथा इंजीनियर रितेश स्थापक को दोषी पाया गया है तथा इन पर कार्रवाई के लिये संचालक नगरीय प्रशासन को अनुशंसा किया गया है। अभी मामला शांत हुआ ही नही और नया मामला सामने आ गया।

रिपोर्टर – सन्नी कुमार यदु

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