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कोरबा: अगले महिने से शुरू होगा तेंदूपत्ता संग्रहण.. बाहर से आने वाले खरीददारों को रहना होगा आइसोलेट.. कलेक्टर ने सभी तैयारियां पूरी करने दिए निर्देश.

छग/कोरबा: जिले के दोनों वनमण्डलों में आने वाले महिने के पहले हफ्ते से तेंदूपत्ता संग्रहण का काम शुरू होने की संभावना है। कलेक्टर किरण कौशल ने आज वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए कोरबा तथा कटघोरा वनमण्डलों में की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान एडीएम संजय अग्रवाल, कोरबा वनमण्डल के डीएफओ एस.गुरूनाथन, कटघोरा वनमण्डल की डीएफओ सुश्री शॅमा फारूकी सहित विकासखंडों में वन विभाग के रेंजर एवं मैदानी अमला भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा जुड़ा रहा। कलेक्टर कौशल ने तेंदूपत्ता की खरीदी के लिए बाहर से आने वाले ठेकेदारों, प्रबंधकों और सुपरवाईजरों को कोरोना संबंधी पूरी सावधानी बरतते हुए ही काम करने की अनुमति देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे सभी संग्राहकों, फड़ मुंशियों और फड़ अभिरक्षकों को एक-एक मीटर की दूरी रखते हुए ही अपने काम संपादित करने होंगे। सभी संग्राहकों को मास्क के साथ-साथ फड़ों पर हाथ धोने की सुविधा रखनी होगी। उन्होंने बाहर से आने वाले लोगों के लिए विशेष पहचान पत्र भी जारी करने के निर्देश दोनो वनमण्डलों के अधिकारियों को दिए।

इस वर्ष चार हजार रूपये प्रति मानक बोरा की निर्धारित दर पर जिले में एक लाख 31 हजार 700 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से 53 हजार दो सौ कोरबा वनमण्डल और 78 हजार पांच सौ मानक बोरा कटघोरा वनमण्डल में संग्रहित किया जायेगा। पिछले वर्ष जिले में 60 करोड़ 82 लाख रूपये से अधिक का एक लाख 965 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया गया था। कोरबा वनमण्डल में पिछले वर्ष 28 करोड़ 30 लाख रूपये का 45 हजार 777 मानक बोरा और कटघोरा वनमण्डल में 32 करोड़ 52 लाख रूपये से अधिक राशि का 55 हजार 188 मानक बोरा तेन्दूपत्ता खरीदा गया था।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि तेंदूपत्ता खरीदी के लिए बाहर से आने वाले खरीददारों या उनके प्रतिनिधियों को पहले आइसोलेशन में रहना होगा। चैदह दिन की इस अवधि के दौरान दो बार उनका कोरोना संक्रमण का टेस्ट कराया जायेगा। दोनों रिर्पोट निगेटिव आने पर ही उन्हें तेंदूपत्ता खरीदी के लिए की जाने वाली गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति दी जायेगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि तेंदूपत्ता खरीदी के लिए ऐसे बाहर से आने वाले लोगों की संभावित जानकारी का पहले ही समय रहते आकलन कर लिया जाये। संभावना अनुसार लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिए जरूरी व्यवस्था की जाये। उनके खाने-पीने, रहने के साथ-साथ मेडिकल चेकअप के लिए पहले से ही संबंधित अधिकारी टीम बनाकर लिखित दायित्व सौंप दें।

कलेक्टर ने फड़ मुंशियों को प्रतिदिन अपने फड़ों पर उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी भी अधिकारी-कर्मचारियों को दी। अधिकारियों ने बताया कि तेन्दूपत्ता के लिए बूटा कटाई का काम मार्च महिने के दूसरे हफ्ते में ही पूरा कर लिया गया है। संग्रहित तेन्दूपत्ता को रखने के लिए लघु वनोपज गोदामों, बोरों, सुतली, कीटनाशक, तारपोलीन आदि की व्यवस्था भी की जा रही है।

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