ChhattisgarhCorona Update

कोरबा: लाॅक डाउन के बीच कटघोरा में अति आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई के लिए की गयी बेहतरीन व्यवस्था.. हर दिन 200 घरों तक पहुंच रहा राशन, सब्जी, दवाई, चार सौ लीटर दूध.

छग/कोरबा: लाॅक डाउन के दौरान कटघोरा में सभी दुकानें और प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद हैं। इस पर भी लोगों को राशन, दवाई, सब्जी, दूध जैसी दैनिक उपयोग की चीजों के लिए किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। लोगों को घर बैठे पर्याप्त मात्रा में अपनी जरूरत के अनुसार सामाग्री उपलब्ध हो जा रही है। कलेक्टर किरण कौशल ने इसके लिए विशेष रूप से घर पहुंच सेवा शुरू की है। वाट्सएप्प पर आर्डर लेकर कैश ऑन डिलेवरी सिस्टम से लोगों तक घर बैठे जरूरत की चीजों को पहुंचाने की इस सुविधा ने कटघोरा में लाॅक डाउन को पूरी तरह से लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोरोना प्रभावित लोगों तक समय पर जरूरत का सामान पहुंच जाने से उनमें शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। लोगों में कोरोना से लड़ाई के लिए एक सकारात्मक माहौल और शासन-प्रशासन को हर संभव सहयोग की भावना भी जागृत हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के कामों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर किरण कौशल की इस व्यवस्था की सराहना की थी और इसे जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों द्वारा भी उपयोग करने की सलाह दी थी।
छत्तीसगढ़ के कोरोना संक्रमण प्रभावित रेड जोन में शामिल कटघोरा शहर में पहला कोरोना पाजिटिव मिलने के साथ ही पूरी तरह लाॅक डाउन कर दिया गया है। संक्रमण को अन्य इलाकों और लोगों में फैलने से रोकने के लिए सभी इंतजाम जिला प्रशासन द्वारा किये गये हैं। लोगों को अपने घरों से निकलने की मनाही के साथ-साथ इलाके का सेनेटाईजेशन, संदिग्ध लोगों की सेंपलिंग और संक्रमित लोगों को ईलाज के लिए एम्स रायपुर पहुंचाने के साथ-साथ प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की हैं। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने लाॅक डाउन शुरू होेते ही इस इलाके में राशन, दवाईयां, सब्जियों, दूध जैसी अति जरूरी चीजों की सप्लाई के लिए घर पहुंच सेवा शुरू करवा दी थी। 60 वालिंटियर लोगों के घरों तक जरूरत का सामान, दवाई, दूध आदि रोज पहुंचा रहे हैं। इलाके में हर रोज औसतन 400 घरों तक वालिंटियरों की पहुंच है। प्रतिदिन लगभग साढ़े चार सौ लीटर दूध घर पहुंच सेवा के तहत सप्लाई किया जा रहा है। राशन मांग अनुसार पैकेट बनाकर लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है। सब्जियों की बिक्री भी पचास रूपये, 100 रूपये और 200 रूपये के किट के रूप में घरों तक पहुंचाकर की जा रही है। इस व्यवस्था के लिए कटघोरा के चिन्हांकित राशन दुकानों और मेडिकल स्टोर्स का वाट्सएप्प गु्रप बनाया गया है और इनके नंबर सार्वजनिक किए गये हैं। कटघोरा में बने कंट्रोल रूम से भी लोगों को मांग के अनुसार अपने आर्डर करने के लिए इन नंबरों पर ही संपर्क करने की सलाह दी जाती है। लोग इन नंबरों पर अपना आर्डर वाट्सएप्प के माध्यम से दर्ज कराते हैं और संबंधित वालिंटियर सामान्य दरों पर सामाग्री घरों तक पहुंचा देते हैं।
दूध और सब्जी की घर पहुंच सेवा के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था की गई है परंतु इन दोनों चीजों के लिए भंडारण और निगरानी का काम प्रशासन की देखरेख में किया जा रहा है। कटघोरा के हाई स्कूल में लाजिस्टिक सेंटर स्थापित किया गया है। आसपास के दूध एवं सब्जी उत्पादक किसान इस लाजिस्टिक सेंटर में अपने उत्पाद लेकर आते हैं। वाट्सएप्प गु्रप पर आर्डर के हिसाब से दूध और सब्जियों की पैकिंग कर उन्हें मांग अनुसार लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है। भुगतान केैश ऑन डिलेवरी होता है। इस व्यवस्था से कोरोना संक्रमित क्षेत्र में एक ओर जहां अति आवश्यक चीजों की सरल, सुगम और मांग अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित हुई है वहीं दूसरी और लोगों का इन चीजों के लिए घर से बाहर नहीं निकलने पर लाॅक डाउन का पूरी तरह पालन कराने में प्रशासन को बड़ी मदद मिली है। कोरोना संक्रमण को कटघोरा में एक क्षेत्र तक ही सीमित रख पाने में अति आवश्यक चीजों की आपूर्ति के लिए बनाई गई इस बेहतरीन व्यवस्था का भी बड़ा योगदान रहा है।

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