Chhattisgarh

अकलतरा के पास लॉक डाउन में फंसे हुए बिहार के 26 लोगों की साइकल यात्रा

छत्तीसगढ़/अकलतरा : पूरे विश्व में फैले कोरोना महामारी में लॉक डाउन का कहर बिहार मधेपुरा, अररिया और आरा जिले के रहने वाले इन मजदूरों पर ऐसा पड़ा की उन्हें खाने के भी लाले पड़ गए। ये सभी लोग गिरविटी सरिया प्लांट उरला रायपुर में काम करते थे, लॉक डाउन में जब कारखाने बंद हो गए, तो मालिकों ने भी अपने रास्ते बंद कर दिए, हाथ में जो पैसे थे उससे किसी तरह वे कुछ दिन गुजरे, इन्होंने बताया की इस दौरान उनकी किसी ने मदद नहीं की, वे कारखाने में ही बने मकान में रहते थे, उन्हें लॉक डाउन के बारे में कुछ भी नहीं मालूम था, बस इतना पता था की देश बंद है |

जब उन्हें आगे कुछ रास्ता नज़र नहीं आया तो सभी ने सायकल ख़रीद कर घर जाने की ठान ली, उन्होंने अपने-अपने घर से बैंक खाता के माध्यम से पैसे मंगवाए और फिर उन पैसों से सायकल खरीदने की व्यवस्था की। किसी ने पुराने सायकल खरीदी तो किसी ने नई सायकल ली और उसी के सहारे रायपुर के उरला से बिहार के आरा जिला जाने के लिए निकल पड़े, इन्होंने रायपुर से रायगढ़ जाने वाली फोर लोन के रास्ता चुना।

आपको बता की रायपुर से मधेपुरा(बिहार) की दूरी लगभग एक हजार किलो मीटर के आस-पास होगी वही आरा की 800 किलो मीटर के आस-पास है, ये लोग अपने साथियों से भटके जांजगीर जिला के अकलतरा थाना के मिनिमाता चौक के पास इंतज़ार कर रहे थे, इनके बाक़ी साथी अकलतरा नगर होते हुए शास्त्री चौक पर पहुँचे ही थे की चौक पर ड्यूटी पर तैनात प्रशासन की टीम की नज़र कुछ सायकल सवार लोगों पर पड़ी मौक़े पर मौजूद अकलतरा नगर के तहसीलदार आकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार आस्था चन्द्राकर, पटवारी ज्योतिष सर्वे व अकलतरा थाना अधिकारी रवीन्द्र अनंत जी मौजूद थे, 15 लोग अलग अलग सायकल पर सवार थे, जिनसे पूछने पर उन्होंने अपनी कहानी बताई, उन्होंने बताया वो कुल 26 लोग जिसमें से 11 लोग उनका आगे इंतज़ार कर रहे है, सभी 26 लोगों को प्रशासन के अधिकारियों द्वारा उच्च अधिकारियों से बात कर उन्हें जांजगीर भेजा दिया गया।

संवाददाता- अविनाश सिंह, अकलतरा

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