Chhattisgarh

कोरबा : तालाबों में तब्दील हो रही हैं सड़क.. लोगो ने कहा-‘ऐसा चमत्कार सिर्फ कोरबा में ही होता है.’

छत्तीसगढ़/कोरबा : लॉक डाउन की वजह से एक ओर जहा आमलोगों की आवाजाही पर अंकुश लगा है वही आवश्यक सेवाओ के चलते भारी वाहनो द्वारा निरन्तर कोयला परिवहन किया जा रहा है, जिससे दम तोड़ रही सड़को की दुर्दशा निरन्तर जारी है, इन्ही आवश्यक सेवाओ से जुड़े लोग भी सड़क से गुजर रहे है जिन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिस तरह के हालात बन रहे है कहना गलत नहीं होगा कि लॉक डाउन खुलने के बाद आमजनों के चलने को सड़क ही नही रहेगी।

फिलहाल बात करेंगे कोरबा कुसमुण्डा मार्ग की, जिसकी दशा पूर्व से ही जर्जर थी और अब इसकी दुर्दशा का अंदाजा इन तालाब नुमा बने विशाल गड्डो को देखकर स्वतः ही लगा सकते हैं। ईमली छापर से शिवमन्दिर चौक तक आपको सड़क के कुछ अंश नजर आ जायेंगे जैसे उथल – पुथल नदी में कहीं कही पर सतह नजर आ जाती है, ये तो केवल बिन मौषम जरा सी बरसात से ऐसा हुआ है, अगर बरसात के पूर्व इस सड़क का निर्माण न हुआ तो इन तालाबो को समंदर बनने में समय नही लगेगा।

इसके अलावा ईमली छापर से शिवमन्दिर चौक तक 1 किलोमीटर बने समान्तर कच्ची सड़क का भी समय रहते डामरीकरण नही किया गया है जिस पर भी भारी वाहनों के चलने से कच्ची सड़क भी उखड़ गयी है।

विकास नगर के अलावा खम्हरिया मोड़, समानता मोड़, बरमपुर मोड़ पर भी विशाल गड्ढे बने हुए है, जिसमें बरमपुर मोड़ के पास करीब 200 से 300 मीटर तक कि सड़क पहले से और अधिक खराब हो गयी है। समय रहते इन सड़कों का निर्माण नही कराया गया तो आमजनों का कुसमुण्डा से कोरबा का सम्पर्क टूटे सड़को की तरह ही टूट जाएगा।

जर्जर सड़क को लेकर लोगो का कहना है कि ऐसा चमत्कार केवल कोरबा जिला में ही है, कुसमुण्डा, पाली, चाम्पा कोरबा मार्ग, कटघोरा जिधर भी जाइये केवल गड्ढे हो पाएंगे, वही एक ने कहा कि कोरोना वायरस ने जैसे कहा कि अब घर पर रहो कुछ करो ना, ठीक वैसे ही सड़क का अब कुछ ना करो अब सड़क ही स्वयं को तालाबो में तब्दील कर रहा है।

SECL कुसमुण्डा प्रबन्धन आज इन गड्डो को भरने अस्थायी उपाय कर रहा है। परन्तु जिस प्रकार के मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है वो केवल खाना पूर्ति है, गड्ढा पूर्ति तो कतई नहीं।

 

कुसमुंडा से ओम गभेल की रिपोर्ट

 

 

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