Chhattisgarh

लॉक डाउन मे नहीं बिलासपुर नहीं जा सकी HIV संक्रमित गर्भवती महिला.. कोरबा जिला अस्पताल में कराया गया सुरक्षित प्रसव.. कलेक्टर ने दी बधाई.

छत्तीसगढ़/कोरबा : कोरोना संक्रमण के चलते लागू लॅाक डाउन के कारण एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिला अपने गृह नगर बिलासपुर नहीं जा सकी तो कोरबा के जिला अस्पताल में डाक्टरों ने उसका सुरक्षित प्रसव कराया। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने भी खबर पाते ही महिला के सुरक्षित प्रसव के लिए जिला अस्पताल के डाक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बधाई दी तथा महिला को पहली संतान के रूप में शक्ति स्वरूपा पुत्री प्राप्ति पर शुभकामनाएं दीं। श्रीमती कौशल ने डाक्टरों को जच्चा-बच्चा की अच्छी तरह देखभाल और सभी जरूरी ईलाज करने के निर्देश दिए।
लाॅक डाउन के दौरान कोरोना की रोकथाम के लिए एक ओर जहां पूरे स्वास्थ्य अमला ग्राउंड जीरो पर जाकर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी इससे बिना प्रभावित हुए लगातार चल रही है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु देश भर में लागू लाॅक डाउन के कारण जो जहां हैं वहीं रहने की सलाह शासन द्वारा दी गई है। लॅाक डाउन की इस मुश्किल दौर में एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिला का जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डा. अरूण तिवारी के मार्गदर्शन में सफल और सुरक्षित प्रसव कराया गया तथा महिला ने नार्मल डिलेवरी के द्वारा एक स्वस्थ्य और सुंदर बच्ची को पहली संतान के रूप में जन्म दिया। जन्म के बाद बच्ची को तुरंत ही एंटी एचआईवी दवा नेवीरापीन का डोज भी पिला दिया गया। जिला अस्पताल कोरबा के सिविल सर्जन डा. अरूण तिवारी ने बताया कि 24 साल की एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिला लॅाक डाउन के पहले अपने रिश्तेदार के यहां कोरबा आई थी। लाकडाउन लागू होने के कारण यहीं कोरबा में ही रह गई। प्रसव समय नजदीक होने के कारण वह बिलासपुर जाना चाहती थी किंतु लॅाक डाउन होने के कारण वह बिलासपुर नहीं जा पाई। गर्भवती महिला बिलासपुर अस्पताल में नामांकित थी। जिला एड्स नियंत्रण समिति एवं जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने विश्वास दिलाया कि यहां सुरक्षित प्रसव कराने की संपूर्ण सुविधा उपलब्ध है। जिससे जच्चा-बच्चा को कोई परेशानी नहीं होगी। डाक्टरों के परामर्श पर महिला प्रसव के लिए तैयार हो गई तथा उसका सफलतापूर्वक प्रसव करा लिया गया। प्रसव के बाद संक्रमित महिला को एआरटी की दवाई भी उपलब्ध कराई गई। उक्त कार्य के सफल होने में जिला चिकित्सालय के मेडिकल स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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