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लॉक डाउन के दौरान कई किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचा युवक.. पत्नी ने गला रेतकर कर दी हत्या.. जाने पूरा मामला.

लॉकडाउन में कंपनी बंद हो गई तो एक शख्स नोएडा से आगरा अपने घर चला आया। घर में पत्नी, मां और दो साल का बच्चा था। पांच दिन बाद शख्स की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पत्नी ने बताया कि पति ने आधी रात में फांसी का फंसा लगाकर जान दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो शख्स का गला कटा हुआ था। शक होने पर पुलिस ने पत्नी से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में हैरान करने वाली बात सामने आई।

विक्रम सिंह नोएडा के सेक्टर-6 में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन में गांव खांडा स्थित अपने घर आ गया। इसके लिए 50 किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा था। बुधवार की रात विक्रम खाना खाकर अपनी पत्नी रानी के साथ अपने कमरे में गया। विक्रम की मां कृपा देवी मकान के ऊपर के हिस्से में बने कमरे में सो रही थी। रात करीब दो बजे रानी चीखते-चिल्लाते हुए सास कृपा देवी के पास पहुंची। रानी ने बताया कि विक्रम ने फांसी लगा ली है।

कृपा देवी ने नीचे आकर देखा तो विक्रम का गला कटा हुआ था और वह लहूलुहान हालत में पड़ा था। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठे हो गए। सूचना पर सुबह पहुंची पुलिस ने जांच की। रानी ने पुलिस को भी यही ​बताया कि विक्रम ने फांसी लगाकर जान दी है, जबकि उसकी गर्दन लहूलुहान थी। पुलिस ने शक के आधार पर पहले रानी और फिर उसकी बुआ के लड़के अनिकेत पुत्र धर्मवीर को हिरासत में ले लिया। इधर, विक्रम के पिता सुरेंद्र सिंह बहू और उसकी बुआ के लड़के के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बरहन थाना के प्रभारी ने बताया कि रानी देवी और प्रताप सिंह के बीच प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बुधवार की रात 11 बजे रानी ने अपने पति विक्रम को आलू के चोखे में नींद की आठ गोलियां मिलाकर खिलाई थी। देर रात करीब एक बजे विक्रम को बेचैनी हुई। उसने उठकर अंगूर खा लिए। इसके बाद उसे नींद आ गई। उसके सोने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। रानी और प्रताप के बीच प्रेम संबंध चल रहा था, जिसका शक विक्रम को हो गया था। पत्नी रानी की साजिश थी कि विक्रम की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया जाए।

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