Chhattisgarh

जांजगीर-चाम्पा : मध्यान्ह भोजन के बदले विद्यार्थियों को मिलने वाला 40 दिन के राशन में मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह का डाका.

प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने से प्रायमरी व मिडिल स्कूल के बच्चों को अवकाश के दिनों का 40 दिन के मध्यान्ह भोजन के बदले सूखा राशन चावल और दाल का वितरण किया जाना है।

छत्तीसगढ़/जांजगीर-चांपा : मध्यान्ह भोजन के बदले विद्यार्थियों को मिलने वाला 40 दिन के राशन में मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह का डाका, ग्रामीणों का आरोप बच्चों को नियमानुसार नहीं दिया जा रहा है राशन।
प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने से प्रायमरी व मिडिल स्कूल के बच्चों को अवकाश के दिनों का 40 दिन के मध्यान्ह भोजन के बदले सूखा राशन चावल और दाल का वितरण किया जाना है। वहीं शासन के नियमानुसार प्रायमरी स्कूल के बच्चों को 4 किलो चावल व 8 सौ ग्राम दाल तथा मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को मार्च-अप्रैल माह के 40 दिनों के लिए 6 किलो चावल और आधा किलो दाल दिया जाना है। इसी कड़ी में आज ग्राम पंचायत किकिरदा के शासकीय प्राथमिक शाला राजीव ग्राम किकिरदा में मां लक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह के द्वारा मनमाने तरीके से बच्चों को चावल, दाल का वितरण किया जाने का आरोप महिलाओं द्वारा लगाया गया है। वहीं जब इस मामले को लेकर एक महिला ने जाकर सवाल किया तो महिला समूह के अध्यक्ष शकुंतला देवांगन के देवर दयानिधि देवांगन द्वारा महिला से अभद्र व्यवहार किया गया साथ ही धमकी भी दी गई।

दरअसल पूरा मामला शासकीय प्राथमिक शाला राजीव ग्राम किकिरदा का है जहां मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष शकुंतला देवांगन उनके देवर दयानिधि देवांगन द्वारा शासन के नियमों के विपरीत बच्चों को 2-3 किलो चावल, 200-250 ग्राम दाल का वितरण किया गया,वहीं बच्चों के राशन में डाका डाला, जैसे ही इसकी जानकारी पालकों को हुई उनके द्वारा इसका विरोध किया गया, वहीं इस मामले में महिलाओं द्वारा जब मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष शकुंतला देवांगन से सवाल किया गया तो उनके देवर दयानिधि देवांगन द्वारा महिला से अभद्र व्यवहार किया गया वही अपनी पहुँच ऊपर तक बताने लगा

वहीं इस मामले में गांव के सरपंच प्रतिनिधि तिलक बंजारे को इसकी जानकारी दी,तब सरपंच प्रतिनिधि द्वारा इसकी सूचना तत्काल एसडीएम को दिया गया। वहीं इस मामले में जब प्रधान पाठक से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह द्वारा अपनी मनमानी करते हुए बच्चों को शासन के नियमों को ताक पर रखकर चावल-दाल वितरण किया गया, इसकी सूचना मेरे द्वारा उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।

वहीं महिलाओं ने बताया कि मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह का संचालन केवल अध्यक्ष शकुंतला देवांगन और उनके देवर दयानिधि देवांगन द्वारा दबागाई पूर्वक किया जाता है जब उनसे कुछ सवाल किया जाता है तो अभद्र व्यवहार किया जाता है साथ ही अपनी पहुँच ऊपर तक बताई जाती है, जबकि शासन के नियमों के तहत महिला समूह का संचालन महिलाओं द्वारा ही किया जाना है, लेकिन समूह का सारा काम दयानिधि देवांगन द्वारा ही किया जाता है वहीं अपनी पहुँच ऊपर तक बताता है।

शासन के नियमों का उल्लंघन, लाॅकडाउन की भी उड़ाई धज्जियां

लाॅकडाउन होने के कारण शासन के नियमानुसार बच्चों को घर-घर जाकर राशन का वितरण करना है वहीं मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष द्वारा शासन के नियमों का भी उल्लंघन किया गया है,अध्यक्ष शकुंतला देवांगन, उनके देवर दयानिधि देवांगन द्वारा मनमानी पूर्वक बच्चों को अपने घर बुलाकर चावल, दाल का वितरण किया गया जिससे देखते-देखते बच्चों कि भीड़ बढ़ गई, जिससे लाॅकडाउन के स्थिति में भी घोर लापरवाही बरती गई

मीनू के अनुसार नहीं रहती मध्यान्ह भोजन की थाली, पानी वाली दाल के साथ मिलती है सब्जी, अचार पापड़ थाली से दूर

वहीं महिलाओं ने बताया कि मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह कि मनमानी पहले से ही चलता आ रहा है बच्चों को परोसा जाने वाला मध्यान्ह भोजन गुणवत्ताहीन रहता है।स्कूलों में बच्चों को न तो पर्याप्त मात्रा में भोजन दिया जा जाता है और न ही निर्धारित मीनू का पालन किया जा रहा है, यही नहीं उन्हें दाल के नाम पर दाल पानी ही भात के साथ दिया जा रहा है। बच्चों के मध्यान्ह भोजन में निर्धारित मात्रा में कटौती की जाती रही है, बच्चों को गुणवत्तायुक्त भोजन प्रदान करने के लिए भी कई बोला गया लेकिन उनके द्वारा उच्ची पहुंच होने का रौब दिखाया गया।

वहीं इस मामले कि शिकायत सरपंच प्रतिनिधि तिलक बंजारे, उपसरपंच ओमप्रकाश पटेल, पंच दीपक जायसवाल,सत्यनारायण कर्ष, मनोज देवांगन, उत्तरी चौहान, सरोजनी आदित्य,उत्तरी बाई साहू, पुष्पा चन्द्रा सहित महिलाओं ने उच्च अधिकारियों से करने की बात कही

अगर मां लक्ष्मी महिला स्व सहायता समूह के द्वारा शासन के नियमों के विपरीत बच्चों को राशन वितरण किया गया है तो इसकी शिकायत मिलने पर लाॅकडाउन के बाद आफिस खुलने पर जांच करायी जायेगी।

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