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Chhattisgarhअपराध

हसौद में कानून की पकड़ से बाहर अवैध लॉजों का साम्राज्य

कानून की पकड़ से बाहर अवैध लॉजों का साम्राज्य लगातार खबरें छपने के बावजूद प्रशासन की चुप्पी, अब पत्रकारों पर भी उठ रहे सवाल


जिला ब्यूरो सक्ती- महेन्द्र कर्ष

सक्ती:: हसौद क्षेत्र में अवैध लॉजों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। बिना लाइसेंस, बिना अनुमति और बिना पहचान पत्र के युवाओं को कमरे दिए जा रहे हैं। इन जगहों पर अनैतिक गतिविधियाँ खुलेआम चल रही हैं।
यह न केवल प्रशासन और कानून व्यवस्था की नाकामी दर्शा रहा है, बल्कि समाज के सामने गलत उदाहरण भी पेश कर रहा है।

❖ लगातार खबरें, फिर भी कार्रवाई नहीं

पिछले कई महीनों से स्थानीय पत्रकार इस विषय पर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे हैं। हसौद के अवैध लॉजों और बढ़ती अनैतिक गतिविधियों को उजागर करने का प्रयास किया गया है।
इसके बावजूद न तो कोई छापेमारी हुई, न ही किसी अधिकारी ने जवाब देना जरूरी समझा।
प्रशासन की यह चुप्पी अब समाज के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

❖ पत्रकारों पर भी उठने लगे सवाल

अब समाज के कुछ लोग पत्रकारों पर भी सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है — “आप तो हर जगह की सच्चाई दिखाते हैं, लेकिन यहाँ सब खुला चल रहा है, आप भी चुप क्यों हैं?”
स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने बार-बार खबरें प्रकाशित कीं, लेकिन जब कार्रवाई ही नहीं होती तो समाज को यह लगता है कि मीडिया भी खामोश है।
दरअसल, पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन जब प्रशासनिक स्तर पर कदम नहीं उठाए जाते, तब सच्चाई अधूरी रह जाती है।

❖ समाज को गलत संकेत, मंडी चौक वीरान

हसौद के मंडी चौक और मुख्य मार्गों पर पहले स्थानीय लोग और बुजुर्ग शांति से बैठा करते थे, अब वहाँ सन्नाटा छा गया है।
लोग कहते हैं कि इन गतिविधियों से समाज के युवाओं और बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है, और अब आम नागरिक भी इन क्षेत्रों से दूरी बना रहे हैं।

❖ कारोबार का दायरा जिलेभर तक फैला

अवैध लॉजों का कारोबार अब केवल हसौद तक सीमित नहीं रहा। सक्ति जिले के कई इलाकों से लोग यहाँ आने-जाने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि यह कारोबार इतना बड़ा हो चुका है कि अब हसौद का नाम पूरे जिले में नकारात्मक रूप से लिया जाने लगा है।

❖ हादसे का इंतज़ार कर रहा प्रशासन

लोगों में यह भावना गहराती जा रही है कि शायद अब किसी दिन कोई बड़ी घटना होगी, तब जाकर प्रशासन हरकत में आएगा।
जब तक कोई गंभीर अंजाम सामने नहीं आएगा, तब तक अधिकारी सिर्फ कागजों और मीटिंगों में व्यस्त रहेंगे।
यह स्थिति न केवल शर्मनाक है, बल्कि कानून पर जनता के भरोसे को भी तोड़ रही है।

❖ जनता और पत्रकारों की एक ही मांग — कार्रवाई हो

स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि हसौद क्षेत्र के सभी लॉजों की जांच की जाए, बिना अनुमति चल रहे लॉजों को तुरंत बंद किया जाए और जिले में पीटा एक्ट लागू किया जाए।
समाज की आवाज़ अब प्रशासन तक पहुँच चुकी है — अब देखना यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आते हैं या यह मामला भी फाइलों की धूल में दब जाएगा।

Mahendra Karsh Bureau

Political Correspondent Mahendra Karsh is a correspondent at INN24 News, reporting on elections, legislative developments, and political,local crime, trends at the state and national levels. He is committed to balanced reporting and verified information. Areas of Expertise • Electoral politics • Government policies • Political analysis • Local News and crime Editorial Responsibility He ensures accuracy, fairness, and transparency in all political coverage and follows ethical journalism practices. 📧 Contact: mkkarsh947@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026