स्मार्ट मीटर बदलने के बाद बढ़े बिजली बिल से श्याम रेजीडेंसी फेज 1 में आक्रोश, जांच की मांग के बावजूद कार्रवाई नहीं

बिलासपुर/सकरी । बिजली विभाग द्वारा मीटर बदलने की सूचना न देने और उसके बाद अत्यधिक बिजली बिल भेजे जाने के मामले में शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि विभाग अपने वसूली लक्ष्य को पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं पर लगातार दबाव बना रहा है।
ताजा मामला श्याम रेसिडेंसी फेस-1 का है। सोसाइटी में सामान्य सुविधाओं जैसे लिफ्ट, स्ट्रीट लाइट और बोर पंप के संचालन के लिए एक अलग बिजली 3 फेज मीटर लगाया गया है। इस मीटर का औसत मासिक बिल अब तक लगभग 5000 से 8000 रुपये के बीच आता था।
सोसाइटी के सदस्यों के अनुसार जब विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर बदला गया, तब सोसाइटी के किसी भी सदस्य या गार्ड को इसकी सूचना नहीं दी गई और मीटर बदल दिया गया और नवंबर और दिसंबर 2025 में बिल नहीं आया, लेकिन जब दिसंबर माह का बिल जनवरी में आया तो वह 42 हजार रुपये का था और फरवरी माह में वही बिल बढ़कर 52 हजार रुपये हो गया। इस असामान्य बढ़ोतरी को लेकर सोसाइटी की ओर से 13 फरवरी 2026 में कनिष्ठ अधिकारी को लिखित शिकायत की गई, लेकिन आज तक इस पर किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई नहीं की गई है।
सोसाइटी के अध्यक्ष प्रशांत शर्मा और सचिव ओमप्रकाश साहू सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि जब बिजली विभाग के कर्मचारी कनेक्शन काटने के लिए पहुंचे, तब उनसे यह मांग की गई कि पहले बिजली बिल की जांच कराई जाए और पुराने मीटर का फोटो दिखाया जाए, जिसमें विभाग द्वारा तीन हजार यूनिट बैलेंस होने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में बिजली कनेक्शन काटने के लिए पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी और विभाग की टीम के सामने भी अध्यक्ष प्रशांत शर्मा, सचिव ओमप्रकाश साहू और अन्य सदस्यों ने यही मांग दोहराई कि मीटर की जांच कराई जाए और पुराने मीटर की रीडिंग का प्रमाण दिया जाए। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारी पुराने मीटर का फोटो या रीडिंग से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी और विवाद बना हुआ है।
सोसाइटी के सदस्यों का कहना है कि मीटर की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उसके बाद ही बिल का भुगतान किया जाएगा या जैसे की हमेशा बिल आता था उस आधार पे सोसाइटी बिल का भुगतान करने के लिए तैयार है । वहीं कलेक्शन के लिए पहुंचे अधिकारी लगातार बिल भुगतान का दबाव बनाते रहे और कनेक्शन काटने की चेतावनी देते रहे।
सोसाइटी के लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग अपने कलेक्शन टार्गेट को पूरा करने में लगा हुआ है, जबकि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर गलत बिल को सुधारा जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।






