
संकुल स्तरीय विज्ञान मेला 2026 का सफल आयोजन कनबेरी में संपन्न

कनबेरी, 28 फरवरी 2026।
शाला स्तर पर आयोजित विज्ञान मेला प्रदर्शनी के उपरांत चयनित मॉडलों के साथ दिनांक 28 फरवरी 2026 को संकुल केंद्र कनबेरी में संकुल स्तरीय विज्ञान मेला का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में संकुल अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए चयनित मॉडलों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। सभी शालाओं की सहभागिता रही तथा ग्रामीणों और पालकों ने आयोजन की सराहना की। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शत्रुघन सिंह कंवर, सरपंच, ग्राम पंचायत कनबेरी रहे। विशिष्ट अतिथि श्री पुहुप सिंह कंवर, अध्यक्ष, शाला प्रबंधन समिति, प्राथमिक शाला कनबेरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम संकुल प्राचार्य श्री दयाशंकर साहू एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक श्री विनय सोनवानी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
प्रदर्शनी में प्राथमिक शाला चंद्रनगर, धनुहारपारा, कनबेरी, खैरभवना, पाली, पड़निया, सोनपुरी तथा माध्यमिक शाला कनबेरी एवं पड़निया के विद्यार्थियों द्वारा विविध विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए गए। मुख्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों से मॉडलों के तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
विशेष रूप से माध्यमिक शाला कनबेरी द्वारा प्रस्तुत मानव उत्सर्जन प्रणाली का मॉडल, माध्यमिक शाला पड़निया का ज्वालामुखी मॉडल तथा प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित सौर ऊर्जा के मॉडल को अतिथियों ने अत्यंत सराहा। इन मॉडलों के संबंध में विद्यार्थियों से संवाद भी किया गया और उनकी वैज्ञानिक समझ की प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम में संकुल के प्रधानपाठक एवं शिक्षकगणों की सक्रिय उपस्थिति रही। उपस्थित शिक्षकों में श्री विनय सोनवानी, पिंकी साहू, दीपक कुमार गबेल, पवन लाल जोशी, बिरेंद्र कुमार राठौर, संतोष कुमार साहू, जे एस परस्ते, मनमोहन सिंह मरकाम, अरुण कुमार साहू, अर्चना गुप्ता, सुतोपा सामंत, संजय पटेल, अमरदीप बघेल, रागिनी दिव्य, सुजीत जांगड़े, संतोष सिंह बोधा, कला बघेल, सुनीता सरवानी, ममता खुराना, संगीता सिंह, मिक्टोरिया टोप्पो, अनिल कुमार कैवर्त एवं अर्चना सिंह शामिल रहे।
छात्रों, पालकों, अतिथियों एवं शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार के विज्ञान आधारित आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं रचनात्मकता का विकास हो सके।





