विश्व आदिवासी दिवस : भोजली महोत्सव कार्यक्रम सर्व आदिवासी समाज के द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया गया

लोरमी,लोरमी नगर के रानीगांव में स्थित आदिवासी भवन में सर्व आदिवासी समाज लोरमी द्वारा आयोजित विश्व आदिवासी दिवस भोजली महोत्सव कार्यक्रम बड़ी ही धूम धाम से मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि टी आर ध्रुव इंजीनियर एवम आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष रामजी ध्रुव ने किया एवम विशिष्ट अतिथि गोंड समाज के अध्यक्ष दयाराम ध्रुव जी रहे सर्व प्रथम भोजली रानी की देवी गंगा, देवी गंगा लहर तुरंगा गीत के साथ पूजा अर्चना किया गया एवम अतिथियों का स्वागत पिला चावल से किया गया मुख्य अतिथि ने समाज को संबोधित करते हुए कहा भारत ही नहीं, दुनिया के तमाम देशों में आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं, जिनका रहन-सहन, खानपान, रीति-रिवाज सबकुछ आम लोगों से अलग होता है। समाज की मुख्यधारा से कटे होने के कारण आदिवासी समाज आज भी पिछड़े हुए हैं। यही वजह है कि भारत समेत तमाम देशों में इनके उत्थान के लिए, इन्हें बढ़ावा देने और इनके अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए आज यानी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पहली बार 1994 को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी वर्ष घोषित किया था एवम भोजली पर्व को नई फसल की अच्छी पैदावार के लिए मनाया जाता है। यह पर्व दोस्ती और भाईचारे का भी प्रतीक है, लोग एक-दूसरे को भोजली भेंट करके मित्रता का बंधन मजबूत करते हैं। भोजली नई फ़सल की प्रतीक होती है। और इसे रक्षाबंधन के दूसरे दिन विसर्जित कर दिया जाता है। नदी, तालाब और सागर में भोजली को विसर्जित करते हुए अच्छी फ़सल की कामना की जाती है एवम बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुती दी गई उसके बाद भोजली रानी को लेकर पैदल चलकर ढोल ताशा एवम डी जे के साथ लोरमी के शिवघाट में विसर्जन किया गया जिसमें पुरे लोरमी क्षेत्र के सभी आदिवासी समाज के लोग हजारों की संख्या उपस्थित रहे जिसमें मुख्य रूप रामा नेताम, सूरज कोल, देवा मार्को, चंद्रु ध्रुव, भुनेश्वर ध्रुव, शिवकुमार मरावी, संदीप मरावी,रामेश्वर ध्रुव, उगेश्वर ध्रुव, गनेश्वर ध्रुव,भागवत ध्रुव, अरविंद ध्रुव, रामनरायण ध्रुव, राजू ध्रुव, दुर्गेश नेताम, अमरनाथ ध्रुव,कृष्णा ध्रुव जग सिंह नेटी, रामावतार मरावी, ब्रजभूषण ध्रुव, महेंद्र ध्रुव, लालू ध्रुव, इतवारी ध्रुव, सुमित ध्रुव संतोष ध्रुव,सोनी ध्रुव, सुनीता ध्रुव, सुनंदा ध्रुव, रानू मरावी, पुष्पा ध्रुव, एवम हजारों की संख्या में सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।





