राम मंदिर तालाब के पास हुई सड़क दुर्घटना प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है – नरेन्द्र देवांगन
घटना के लिए जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारीयों के खिलाफ हो कार्यवाही - कांग्रेस

राम मंदिर तालाब के पास हुई सड़क दुर्घटना प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है – नरेन्द्र देवांगन
- घटना के लिए जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारीयों के खिलाफ हो कार्यवाही – कांग्रेस
शहर की स्ट्रीट लाइट बंद पढ़ी है नेशनल हाइवे की सड़क अप डाउन हो गया है सुध लेने वाला कोई नहीं- नरेन्द्र देवांगन
कोंडागांव – राम मंदिर तालाब के पास हुई ट्रक से स्कूटी सवार युवक को कुचले जाने की दुर्घटना को लेकर कोंडागांव शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन ने प्रेस मे बयान जारी कर कहा कि यह दुर्घटना प्रशासन कि लापरवाही के चलते हुए है इस मौत का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन है।नेशनल हाइवे 30 जो की कोंडागांव शहर से होकर गुजरती है उसी से लगा हुआ राममंदिर तालाब जिसमे भू स्खलन के चलते तालाब से लगी सड़क को दोनों तरफ से नो एंट्री कि बोर्ड लगाकर ब्लॉक कर दिया है ताकि कोई बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके यह प्रशासन की तारीफ योग्य कदम है परन्तु शनिवार शाम उसी ब्लॉक सड़क मे तालाब के पास ट्रक से एक युवक के सर को कुचलते हुए आगे बढ़कर घटना स्थल से भाग जाने मे सफल होने की घटना सुनने मे आती है हम लोगों ने मौके पर जाकर देखा घटना मे प्रशासन की लापरवाही साफ झलक रही है क्योंकि जिस युवक का ट्रक मे दबने से मौत हुई है उस युवक का एक छोटा सा सड़क किनारे पूजा सामग्री माला शंख की दुकान है और ज़ब वह मार्ग बंद है तो ट्रक वहाँ तक पहुंची कैसे??? ज़ब मस्जिद व राममंदिर के पास दोनों तरफ से नो एंट्री का बोर्ड लगा है दोनों तरफ स्टॉपर लगा है तो नो एंट्री मे ट्रक को एंट्री की परमिशन आखिर किसने दी??? सुनने मे यह भी आया इस बंद मार्ग मे सुबह से ही कार व चार पहिया वाहने चल रही है तो प्रशासन आखिर कहां थी??? यातायात पुलिस क्या केवल अवैध वसूली के लिए है क्या??? अभी हाल ही मे कुछ दिन पूर्व यातायात पुलिस द्वारा पैसा लेने देने जैसी वीडियो सोशल मीडिया मे बहुत वायरल हो रहा था हर दूसरे दिन कोंडागांव से लगे अलग अलग गांव मे यातायात पुलिस की उगाही जारी रहती है तो बिच शहर मे ज़ब इतनी बड़ी घटना घटित हुई तो यातायात पुलिस कहाँ थी??? क्या घटना के दौरान दोनों तरफ स्टॉपर नो एंट्री की बोर्ड के पास मौजूद थे?अगर मौजूद रहे तो किनके आदेश पर नो एंट्री की बोर्ड के साथ लगे स्टॉपर को आवाजाही हेतु हटाया गया और अगर हटाया गया तो किस कारण हटाया गया?क्या किसी की जान से खेलने का अधिकार प्रशासन को है??? पहले तो घटिया निर्माण फिर ज़ब निर्माण ढह जाये तो भू सख्लन का नाम देकर प्रपंच फिर उसमे भी लापरवाही कोंडागांव की जनता बर्दास्त नहीं करेगी। जिस युवक की शनिवार शाम दुर्घटना मे मौत हुई है उसे प्रशासन की लापरवाही मानते हुए तत्काल मुआवजा दिया जाये साथ ही ट्रक मालिक चालक के विरुद्ध तो कार्यवाही होना ही है लापरवाही मे सम्मिलित कर्मचारी अधिकारीयों के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए व जिस शख्स के कार लिए नो एंट्री के बोर्ड को हटाया गया उसकी भी जाँच कर उसके विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए।आगे नरेन्द्र देवांगन ने शहर की बंद पढ़ी स्ट्रीट लाइट को लेकर कहा शहर की स्ट्रीट लाइट बंद पढ़ी हैँ जिसका सुध लेने वाला कोई नहीं है नेशनल हाइवे की शहर अंदर की सड़क अप डाउन है जगह जगह पर जिसके चलते मोटर साईकिल अनियंत्रित हो जाती है अधिकांश घटनाएं तो इसी वजह से घट रही है परन्तु सुध लेने वाला कोई नहीं वैसे तो ट्रीपल इंजन की सरकार है चुनाव से पहले बड़े बड़े वादे बड़ी बड़ी घोषणाएं तो कर दिए सत्ता हासिल भी कर लिए पर ab धरातल मे कोई नजर नहीं आता शहर के भीतर कई दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद है कहां है नगर पालिका कहा है स्थानीय विधायक लता उसेंडी क्या केवल चुनाव जितने के लिए स्थानीयों को प्राथमिकता देने की बात कर के विधायकी हासिल की हैँ जनता से कोई सरोकार नहीं है। विधायक महोदया आपको कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र की जनता ने विधायक चुना है ओड़िसा के साथ साथ थोड़ा कोंडागांव मे भी ध्यान देंगे उम्मीद है स्ट्रीट लाइट जल्द जगमगेगी और सड़क मे सुधार होगा इसके बावजूद अगर कोई प्रगति नहीं दिखती तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन का रुख अपनायेगी अगर प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस पार्टी शांत नहीं बैठेगी जनता की आवाज को बुलंद करते हुए जायज मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करेगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।