
जगदलपुर inn24 (रविंद्र दास)छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 16 अगस्त को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर पेंशनरों को केंद्र के बराबर 42% महंगाई राहत देने हेतु मध्यप्रदेश सरकार से सहमति मांगी है ।
सी एम भूपेश बघेल द्वारा किए गए पत्राचार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ बस्तर संभाग के अध्यक्ष रामनारायण ताटी ने कहा है कि पहले तो दर्द दिया गया अब दवा देने की बात हो रही है ।
चुनाव करीब आता देखकर बुजुर्गों की सहानुभूति बटोरने इस तरह का दांव खेला जा रहा है जिसे अनुभवी एवम बुजुर्ग पेंशनर बखूबी समझते हैं ।
श्री ताटी ने कहा कि यदि बुजुर्ग पेंशनरों के प्रति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मन में जरा भी सहानुभूति होती तो हमें सड़क में आकर मंत्रालय को घेरने जैसा कोई कदम उठाना नही पड़ता ?
बुजुर्गों का आंदोलन करना निः संदेह सरकार के लिए शर्म की बात है ।
सरकार का किरकिरी होता देखकर भूपेश बघेल ने शिवराज सिंह को पत्र भेजा है बुजुर्गों के प्रति दया दिखाने के लिए नही ?
यदि भूपेश बघेल के मन में बुजुर्गों के प्रति जरा भी दया होती तो विगत30 जनवरी को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब पेंशनरों को जनवरी 2023 की स्थिति में महंगाई राहत में 5% बढ़ोत्तरी किए जाने बाबत सहमति मांगी गई यदि तत्काल सहमति दे दिए होते तो पेंशनरों का आर्थिक नुकसान नहीं होता ! किंतु ऐसा नहीं हुआ ।
बुजुर्ग पेंशनरों को दिया जाने वाला महंगाई राहत का विगत 8 माह का एरियर्स राशि डकारने के बाद अब बुजुर्गों की याद आई है । अब जनवरी के जगह 01 जुलाई से महंगाई राहत देने की बात हो रही है ।
निः संदेह चुनाव में इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा । श्री ताटी ने कहा कि पेंशनरों ने मंत्रालय घेरकर न केवल सरकार को अपने ताकत का एहसास कराया है ,बल्कि एक नया इतिहास भी रच डाला है जिसे भावी पीढ़ी जरूर याद करेगी ।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वालों में आर एन ताटी,आई सुधाकर राव , डी रामन्ना राव,नागेश कापेवार , एल एस नाग, दिनेश सिंघल, सुरेश कुमार घाटौडे ,शंभूनाथ देहारी , अब्दुल सत्तार ,रमापति दुबे , पी एन उरकुडे , एस कसीमुद्दीन ,रैमन दास झाड़ी ,अय्यूब खान , गुज्जा रमेश ,नीलम जग्गी ,मीता मुखर्जी ,सरोज साहू ,जयमनी ठाकुर एवम राधा पामभोई शामिल हैं।