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बिलासपुर RTO का कारनामा हुआ उजागर, टैक्स में गड़बड़ी की हुई जाँच, शिकायतकर्ता को क्या मिलेगा न्याय?

REPORT : OMPRAKASH SAHOO

बिलासपुर : परिवहन विभाग हमेशा अपने कारनामो की वजह से विवादों में रहा और सुर्खियां बटोरता है आज मामला ५ वर्ष पूर्व का है जिसमें तत्कालीन डाटा एंट्री ऑपरेटर हिरा ध्रुव का पुरे ऑफिस वर्चस्व रहता था कोई भी फाइल उनके टेबल से ही गुजर कर वरीय अधिकारी के पास जाती थी जिसका वो भरपूर फायदा उठाते थे, एक मामला जिसमें मोटर स्वामी राजेंद्र सोनी जिनकी बस CG04E1903 का टैक्स बकाया का था जिसमे टैक्स पटाने के लिए उन्होंने परिवहन विभाग की बनाई हुई व्यवस्था यानी दलाल का सहारा लिया और नगद से टैक्स की राशि दलाल को दी, जिन पैसो को हिरा ध्रुव और उनके रिस्तेदार दलाल द्वारा खर्च कर दिया गया और उन्हें फर्जी चलान दे दिया गया कुछ समय बाद उनके पास परिवहन ऑफिस से टैक्स बकाया का नोटिस जारी किया गया तब उनके पैरो से जमीन खिसक गयी क्योकि टैक्स की राशि लगभग 130000/- रूपए थी और कोरोना काल के दौरान ये रकम बहुत भारी थी साथ ही वो अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे, तत्काल उन्होंने इसकी शिकायत सम्बंधित विभाग में किया पर किसी प्रकार की जाँच नहीं की गयी और उन्हें मानसिक प्रताड़ना भी दी गयी तब उन्होंने न्यायपालिका का सहारा लिया।

मामला पहुँचा मंत्री लखन लाल देवांगन के पास

इस पुरे मामले को लेकर वाहन स्वामी ने मंत्री लखनलाल देवांगन से शिकायत की तब मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को जाँच कराने के लिए पत्र जारी किया जिसपर पुलिस अधीक्षक ने बिलासपुर सिविल लाइन C. S. P. को जाँच का जिम्मा सौंपा जिस पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर को पत्र जारी किया गया.

मोटर स्वामी को 5 सालों बाद मिलेगा न्याय ?

मंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस मामले ने गति पकड़ी और अब ऐसा लगता है की मोटर स्वामी को 5 सालों बाद न्याय की एक ज्योति दिखाई दी है और उसे न्याय मिलेगा. वर्त्तमान छेत्रिय परिवहन अधिकारी को जाँच के लिए लिखा गया, जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से विभाग की घोर लापरवाही पायी गयी और भट्ष्टाचार में कर्मचारी और अधिकारी की पूर्ण संलिप्तता देखी जा सकती है, जाँच में यह पाया गया की मोटर स्वामी को जो चालान दिया गया था वह फर्जी था उस चालान में किसी भी प्रकार का टैक्स जमा नहीं किया गया था और इस पुरे प्रकरण में सहायक ग्रेड 2 नागेशर जगत की ID से तीनो अप्लीकेशन को वेरीफाई तथा तत्कालीन परिवहन अधिकारी प्रेम प्रकाश शर्मा द्वारा किया गया था पर इसमें टैक्स जमा नहीं किया गया था.

क्या सहायक ग्रेड 2 के ID को चलाता था हिरा ध्रुव ?

हिरा ध्रुव जो की इस पुरे मामले का मुख्या है सहायक ग्रेड २ कर्मचारी नागेशर जगत के साथ मिल कर फर्जी अप्लीकेशन बनाया जिसका क्रमांक 03,04,05 था और तत्कालीन परिवहन अधिकारी प्रेम प्रकाश शर्मा के साथ मिलकर कर पुरे प्रकरण को अंजाम दिया . जो चालान वाहन स्वामी को दिया गया उसमे टैक्स पटा ही नहीं था तो कैसे उसको वेरीफाई कर दिया गया? इस पुरे मामले में हिरा ध्रुव के खिलाफ न्यायलय ने 409 का अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है , अब देख़ने वाली बात है की विभाग इस मामले में क्या न्याय करती है और मोटर स्वामी ने जो मानसिक और शारिरिक प्रताड़ना झेली है उसकी भरपाई कौन करता है ?

देखें जाँच रिपोर्ट

 

 

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