Chhattisgarh

बालको नगर में 440 पेड़ों की कटाई: बालको की विकास परियोजना बनी पर्यावरण के लिए खतरा:- मो. न्याज नूर आरबी 

सतपाल सिंह

Kbबालको नगर में 440 पेड़ों की कटाई: बालको की विकास परियोजना बनी पर्यावरण के लिए खतरा:- मो. न्याज नूर आरबी

 

कोरबा। नागरिक जन सेवा समिति, कोरबा के अध्यक्ष व भाजपा मोदी मित्र के प्रदेश प्रभारी मो. न्याज नूर आरबी ने जिला कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर मनोज बंजारे जी को विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की एक नई विकास परियोजना के कारण इंदिरा मार्केट, पाड़ीमार, बालको नगर क्षेत्र के 440 वृक्षों का अस्तित्व संकट में है। ये पेड़ न केवल स्थानीय निवासियों को छाया और फल प्रदान करते हैं, बल्कि अनगिनत पक्षियों के आवास भी हैं।

 

ज्ञात हों कि कोरबा शहर समेत जिला कोरबा प्रदूषण के मामले मे भारत देश मे उच्च स्थान पर अंकित है, उसके बावजूद जिला प्रशासन से अनदेखी कर बालको कि हिटलरशाही शासन प्रशासन कि सक्रियता पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

 

बालको के द्वारा तैयार की गई बहुमंजिली इमारत की परियोजना ने पर्यावरण संरक्षण की चुनौती खड़ी कर दी है। विकास के नाम पर हो रही इस “हरित हत्या” से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान होने की आशंका है।

 

मीडिया की चुप्पी पर सवाल

नागरिक जन सेवा समिति, कोरबा के अध्यक्ष व भाजपा मोदी मित्र के प्रदेश प्रभारी मो. न्याज नूर आरबी ने इस मुद्दे पर स्थानीय मीडिया की भूमिका पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोरबा में अनेक न्यूज चैनल, पोर्टल्स और सैकड़ों सक्रिय पत्रकार होने के बावजूद इस “हरित नरसंहार” पर मौनता बनी हुई है।

 

“लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से अपेक्षा है कि वे केवल चमकदार इमारतों की रोशनी में ही न दिखें, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उजागर करें,” खान ने कहा।

 

पर्यावरणीय प्रभाव की चिंता

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में वृक्षों की कटाई से:

– वायु गुणवत्ता में गिरावट आएगी

– स्थानीय तापमान में वृद्धि होगी

– पक्षियों के प्राकृतिक आवास नष्ट होंगे

– भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण की समस्या बढ़ेगी।

बकौल मो. न्याज नूर आरबी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “विकास की दौड़ में वृक्षों के जीवन की कीमत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आज की खामोशी कल इतिहास में अपराध बन सकती है।”

 

यह मामला पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की आवश्यकता को दर्शाता है। स्थानीय प्रशासन, बालको प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण समूहों के बीच संवाद की तत्काल आवश्यकता है।

 

इस अवसर पर नागरिक जन सेवा समिति, कोरबा के पदाधिकारी, सदस्य समेत आमजन बालको से पीड़ित पुरुष, महिला, बुजुर्ग बड़ी संख्या मे उपस्थित थे।

Om Gavel Bureau Korba

State Affairs Reporter Om Gavel is a state and local affairs reporter focusing on administration, development projects, and civic issues, local news in Chhattisgarh. His work highlights grassroots concerns and governance-related developments and all local activity in concern with crime and administration. Areas of Expertise • State administration • Infrastructure and development • Civic and public issues • Field reporting and all local issue Editorial Responsibility Om Gavel follows source verification guidelines and ensures responsible, fact-based reporting. 📧 Contact: humara.kusmunda.omgavel@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026