बस्तर का दारू करता है, दवा का काम, जनजातिय संस्कृति में जन्म से मृत्यु, पूजा पाठ सहित तमाम विधि विधान में किया जाना उपयोग

जगदलपुर । बस्तर अपनी प्राकृतिक नैसर्गिक सुंदरता आदिवासी संस्कृति और वेशभूषा के लिए यूं तो पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है। इसके साथ यहाँ और भी कई विशेषताओं को अपने मे समेटे हुए है। परन्तु बात करतेे हैं शराब की, आदिवासी जनजाति संस्कृति में शराब का अपना ही महत्व है, जनजातियों में शराब जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त ,बच्चों के नाम करण छठी एवं समस्त सुख -दुख पूजा पाठ सभी में शराब का परोसी जाती है। बस्तर पंडुम में बस्तर के शराब के विभिन्न स्वरूपों को प्रदर्शित किया गया था।
बस्तर पंडुम मे शराब के विभिन्न प्रकारों की जानकारी देती बस्तर केशरपाल ग्राम की अंजना नेताम ने बताया कि दारू को दवा के रूप मे लिया जाए तो सेहत के लिए फायदेमंद होता है। पंडुम मे आए सभी के लिए कौतूहल का विषय रहा ।
आइये जानते हैं, शराब किन किन से और कितने स्वरूपों में दारू बस्तर मे उपलब्ध है । साथ ही दारू के साथ लिया जाने वाला बस्तर का विशेष व्यंजन कौन कौन से है।











































