*प्रगतिशील छ.ग. सतनामी समाज सक्ती के पदाधिकारियों ने पवित्र दीक्षाभूमि का किया दर्शन*
*बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प*


जिला रिपोर्टर सक्ती- उदय मधुकर
सक्ती जिले से प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती जिले से प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारी व सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल इन दिनों महाराष्ट्र नागपुर के दौरे पर हैं। नागपुर पहुंचने पर प्रथम दिवस 16 अक्टूबर को सतनामी समाज प्रमुखों ने नागपुर स्थित पवित्र दीक्षाभूमि के दर्शन किए और परम पूज्य बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी को नमन करते हुए उनके जीवन दर्शन को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लिया। पवित्र दीक्षाभूमि के दर्शन पश्चात भावविभोर हुए प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने दीक्षाभूमि के दर्शन को अपने जीवन का यादगार पल बताया और इसे बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के अनुयायियों के लिए इसे तीर्थ स्थल भी बताया। गौरतलब हो कि विजयादशमी उत्सव पर हर साल छत्तीसगढ़ प्रदेश से भी बड़ी संख्या में दीक्षाभूमि दर्शनार्थ नागपुर पहुंचते हैं और बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के आदर्शों को आत्मसात कर उनके विचारों को समाज में स्थापित करने का संकल्प लेते हैं। गौरतलब हो कि दीक्षाभूमि महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक पवित्र ऐतिहासिक और बौद्ध तीर्थ स्थल है। यह स्थान भारतीय इतिहास सामाजिक न्याय और बौद्ध धर्म के पुनरूत्थान के लिए आध्यात्मिक महत्व रखता है। विदित हो कि 14 अक्टूबर 1956 को सम्राट अशोक विजयादशमी के दिन डा बाबा साहेब अंबेडकर ने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। इसके याद में हर साल 14अक्टूबर को धर्मचक्र प्रवर्तन दिन के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर देश विदेश से लाखों लोग दीक्षाभूमि पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी सतनामी समाज परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास जी की तरह बाबा साहब डॉ अम्बेडकर पर अपनी अटूट आस्था रखता है।
वहीं बात करें प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की तो पूरे प्रदेश में सतनामी समाज का यह सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है जो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में समाज की बेहतरी के लिए कार्य कर रहा है। सामाजिक व शैक्षणिक भ्रमण पर नागपुर पहुंचे प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती के इस 60 सदस्यीय दल में जैजैपुर अध्यक्ष खेमराज खटर्जी, संरक्षक श्रीमती कुसुम लता अजगल्ले, सक्ती उपाध्यक्ष उदय मधुकर, परदेशी खुंटे, सचिव चेतन बंजारे, रहस दिव्य, शुकवारा भारद्वाज, गंगाराम भारद्वाज, भवसागर बंजारे पूरन भारद्वाज दयानन्द खूटे सहित संगठन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हुए।





