*प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारी दीक्षाभूमि नागपुर के लिए हुए रवाना….*

जिला रिपोर्टर सक्ती- उदय मधुकर
सक्ती:: प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती जिला के ब्लॉक जैजैपुर मालखरौदा तथा सक्ती से संगठन के पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नागपुर में विजयदशमी के उत्सव में शामिल होने तथा पवित्र दीक्षाभूमि के दर्शनार्थ 15 अक्टूबर 2026 को नागपुर के लिए शिवनाथ एक्सप्रेस पर चांपा से रवाना हुआ। इस संबंध में जैजैपुर ब्लाक प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के अध्यक्ष खेमराज खटर्जी ने बताया कि 15 से 18 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस सामाजिक व शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में सक्ती जिले से प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के 50 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल दीक्षाभूमि नागपुर के लिए रवाना हुआ है। जैजैपुर अध्यक्ष खेमराज खटर्जी ने बताया कि सतनामी समाज का यह प्रतिनिधि मंडल नागपुर में दीक्षाभूमि स्तूप, बौद्ध विहार और ध्यान स्थल, बोधि वृक्ष , डॉ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा और अवशेष स्थल, पुस्तकालय सहित बाबासाहेब से जुड़े सभी पवित्र जगहों का भ्रमण कर ज्ञानार्जन करेगी। गौरतलब हो कि नागपुर में दीक्षाभूमि स्तूप बौद्ध धर्म का सबसे प्रसिद्ध और पवित्र स्मारक है। जोक बलवा पत्थर संगमरमर और ग्रेनाइट से निर्मित है। इसे एशिया का सबसे बड़ा स्तूप भी कहा जाता है। इसे बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने की याद में बनाया गया था।
महाराष्ट्र की नागपुर स्थित इस पवित्र जगह पर बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर ने 14अक्टूबर 1956 को लाखों अनुयायियों के बीच बौद्ध धम्म अपनाया था। इसी लिए यह जगह दीक्षाभूमि नाम से दुनिया भर में प्रसिद्ध है। जहां हर साल विजयादशमी पर्व पर देश विदेश से बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के लाखों अनुयाई यहां पहुंचते हैं और बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के जीवन दर्शन का अध्ययन कर उससे प्रेरणा लेते हैं । प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के दल में अध्यक्ष खेमराज खटर्जी, संरक्षक श्रीमती कुसुम लता अजगल्ले, संरक्षक जैजैपुर व उपाध्यक्ष सक्ती उदय मधुकर, चेतन बंजारे, परदेशी खुंटे, भवसागर बंजारे, रहस दिव्य, पूरन भारद्वाज, मनहरण भारद्वाज , शुकवारा भारद्वाज स हित 50 से अधिक बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के अनुयाई शामिल हैं।





