*पं.दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ की सह-संयोजक बनी अंजू गबेल*

जिला रिपोर्टर सक्ती- उदय मधुकर
सक्ती सक्ती जिले की निवासी डॉ अंजू गबेल पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ की सह-संयोजक मनोनीत की गई हैं। उनका इस महत्वपूर्ण पद पर मनोनयन पं.दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ की साधारण सभा की बैठक में विद्या पीठ की प्रबंध कार्यकारणी द्वारा किया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ के सह संयोजक के रूप में अब डॉ अंजू गबेल आगे हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार करते हुए संस्था को विस्तारित करने में योगदान देंगी।
इधर डॉ अंजू गबेल ने हिन्दी विद्यापीठ के सह संयोजक पद पर अपनी नयी भूमिका के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिन्दी विद्यापीठ की प्रबंध कार्यकारणी सहित सभी पदाधिकारियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है और भरोसा दिलाया है कि वे हिन्दी विद्यापीठ के सह संयोजक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करेंगी। विदित हो कि सक्ती निवासी डॉ श्रीमती अंजू गबेल घर वापसी अभियान के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रमुख होने के साथ -साथ धर्म जागरण समन्वय की मातृशक्ति की सहसंयोजिका भी हैं। जो कि बीते पच्चीस सालों से समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य रहीं हैं। श्रीमती अंजू गबेल नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय हैं। धर्मांतरण रोकने में अग्रणी भूमिका निभाने वाली श्रीमती गबेल सनातन धर्म की रक्षा तथा उसके विस्तार के लिए भी निरंतर कार्यरत हैं। उनके इस उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें देश की राजधानी दिल्ली में पं. दीनदयाल हिन्दी विद्या पीठ मथुरा के द्वारा बीते 1 फरवरी 2026 को डाक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया है। इधर श्रीमती गबेल को हिंदी विद्यापीठ की सह संयोजक मनोनीत किए जाने से क्षेत्रवासियों में उत्साह दिखाई दे रहा है।





