तहसीलदार शेखर पटेल पर लगाए गए आरोप निकले झूठे , जनदर्शन में कोमल राजपूत ने दी लिखित माफीनामा…. पढ़े पूरी ख़बर

मुंगेली | लोरमी तहसील में पदस्थ तहसीलदार श्री शेखर पटेल के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में एक अहम और निर्णायक मोड़ सामने आया है। समाजसेवी एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी कोमल सिंह राजपूत ने जिला जनदर्शन अधिकारी, मुंगेली के समक्ष अपने द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर लिखित रूप से माफी प्रस्तुत की है। जनदर्शन में प्रस्तुत माफीनामे में कोमल सिंह राजपूत ने स्वीकार किया है कि टोकन क्रमांक 15526 के अंतर्गत तहसीलदार शेखर पटेल पर महिला कर्मचारियों से वीडियो कॉल के माध्यम से अशोभनीय बातचीत करने तथा उनके विरुद्ध CBI और ED जांच की मांग संबंधी शिकायत के लिए वे क्षमाप्रार्थी हैं। माफीनामे में उन्होंने हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है।
इस पूरे प्रकरण में तहसीलदार की ओर से पैरवी कर रहे उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के अधिवक्ता श्री निखिल शुक्ला ने कहा कि—
“माफी मांगना किसी को छोटा नहीं बनाता, बल्कि यह व्यक्ति के नैतिक साहस और सत्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक जनप्रतिनिधि के लिए सत्य का मार्ग अपनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना ठोस प्रमाणों के किसी प्रशासनिक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी नुकसान पहुंचता है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य के अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी अधिक सजग होंगे। यह मामला एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है कि कानून और सत्य के सामने अंततः असत्य टिक नहीं पाता।
सूत्रों के अनुसार, उक्त माफीनामा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, राज्यपाल, गृह मंत्री, डीआईजी तथा जिला प्रशासन सहित अनेक संवैधानिक पदाधिकारियों को भी सूचनार्थ प्रेषित किया गया है।
प्रशासनिक और कानूनी हलकों में इस घटनाक्रम को एक महत्वपूर्ण नज़ीर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि अफवाह, सोशल मीडिया या राजनीतिक दबाव के आधार पर लगाए गए आरोप अंततः टिकाऊ नहीं होते।





