जामपाली में गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम का हो रहा आयोजन
बाबा गुरू घासीदास के विचारों को आत्मसात कर जीवन में आगे बढ़ें- ठा.गुलजार सिंह

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती ।। सक्ती जिले के गांव जामपाली में तीन दिवसीय गुरू घासीदास जयंती कार्यक्रम का आयोजन जारी है। इस भक्तिमय आयोजन के दूसरे दिन 30 जनवरी को कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ठा गुलजार सिंह बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। इन पलों में उनके साथ जनपद पंचायत सक्ती अध्यक्ष के प्रतिनिधि ऋषि राय, जनपद उपाध्यक्ष बंशी खांडे, पूर्व पार्षद सारागांव सहसराम कर्ष, आदिवासी नेता जगेश्वर राज, जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस श्रीमती मेनका जायसवाल, डूमरपारा सरपंच ज्योतिष राठौर, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती जिला ईकाई के पूर्व प्रवक्ता उदय मधुकर, जामपाली सरपंच श्रीमती कला सांडे, संतराम महिलांगे, मनीराम सांडे, रामकुमार कुर्रे तथा पत्रकार योम प्रकाश लहरे सहित समाज के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही। इन पलों में अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ठा. गुलजार सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में बाबा गुरू घासीदास ने संत कबीर सहित संतों गुरूओं की परंपरा को आगे बढ़ाया था। ठा. गुलजार ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह से बाबा गुरू घासीदास के विचारों को सच्चे मन से आत्मसात कर जीवन व्यवहार करने की बात कही। पूर्व पार्षद सहस राम कर्ष ने जामपाली गांव में सुंदर आयोजन के लिए ग्रामवासियों को बधाई दी और बाबा गुरू घासीदास जी के मनखे-मनखे एक बरोबर पर आधारित समतामूलक सतनाम विचारधारा को सच्चे मन से आत्मसात कर आगे बढ़ने की बात कही। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बंशी खांडे ने बाबा गुरू घासीदास जी के बताए सतनाम रास्ते पर चलने का अनुरोध करते हुए समाज में उनकी सतनाम शिक्षाओं को आत्मसात कर जीवन में आगे बढ़ने की बात कही। जामपाली सरपंच श्रीमती कला सांडे ने अध्यक्षीय भाषण देते हुए सभी को सुंदर आयोजन के लिए आयोजकों सहित ग्रामवासियों को बधाई दी। साथ इन पलों में उन्होंने ग्राम पंचायत जामपाली में सतनाम भवन के साथ -साथ जैतखाम निर्माण की मांग मुख्य अतिथि के समक्ष रखी। जिसे नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत के जिला प्रतिनिधि ठा गुलजार सिंह ने स्वीकृति प्रदान किया। इसके पश्चात रात्रि कालीन कार्यक्रम में रात-भर पंथी लोक गायकों द्वारा पंथी नृत्य की प्रस्तुति देकर बाबा गुरू घासीदास जी के मनखे-मनखे एक बरोबर पर आधारित सतनाम विचारधारा को बताया व समझाया।










































