
मुंगेली,छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने मुंगेली जिला अध्यक्ष के कथित द्वेषपूर्ण निलंबन के विरोध में सोमवार को एक संभाग स्तरीय आंदोलन किया गया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 19 जनवरी 2026 को संभागीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का घेराव किया गया, जिसमें संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी शामिल हुए। कथित द्वेषपूर्ण निलंबन के विरोध में सोमवार को संभाग स्तरीय आंदोलन किया गया। संघ ने कहा कि मुंगेली जिला गठन के बाद यह पहला अवसर है, जब किसी प्रशासनिक अधिकारी के तानाशाही एवं दमनकारी रवैये के खिलाफ इतना व्यापक, संगठित और लोकतांत्रिक आंदोलन देखने को मिला है। संघ का आरोप है कि यह निलंबन कार्रवाई अन्यायपूर्ण, प्रतिशोधात्मक और कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास है, जो मुंगेली जिला गठन के बाद पहली बार किसी प्रशासनिक अधिकारी के तानाशाही रवैये के खिलाफ इतना व्यापक आंदोलन है।
कर्मचारियों ने दी चेतावनी
आंदोलन में संभाग के समस्त जिलाध्यक्ष, पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निलंबन आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा और न्याय की बहाली है।
संघ की तीन प्रमुख मांगें
पहला, जिला अध्यक्ष, मुंगेली का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए; दूसरा, कर्मचारियों के संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए; और तीसरा, भविष्य में किसी भी कर्मचारी अथवा पदाधिकारी के विरुद्ध दमनात्मक एवं प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी किसी भी आंदोलन और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की नैतिक, प्रशासनिक एवं विभागीय जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मुंगेली (डॉ. शीला साहा) की होगी। संघ ने यह भी कहा कि आंदोलन के कारण यदि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसके लिए भी प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा, क्योंकि यह स्थिति प्रशासन की द्वेषपूर्ण एवं दमनात्मक कार्रवाई का प्रत्यक्ष परिणाम है।





