छत्तीसगढ़ में पहली बार राशन कार्ड का हो रहा सत्यापन:अब दुकान में बताना होगा मैं ही हूं, तभी मिलेगा राशन

राज्य बनने के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब राशन कार्ड वालों को सीधे राशन दुकान जाकर बताना होगा कि जिसे राशन मिल रहा है वो मैं ही हूं। 30 जून तक ऐसा नहीं किया तो पहले तो चावल देना बंद किया जाएगा। इसके बाद भी सत्यापन (केवाईसी) नहीं कराया तो कार्ड ही निरस्त कर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में एपीएल और बीपीएल 74 लाख 61 हजार 627 राशन कार्ड एक्टिव है। इसमें 65 लाख से ज्यादा बीपीएल कार्ड हैं, यानी गरीब परिवारवालों के। सभी कार्डों में दर्ज सदस्यों की संख्या 2.65 करोड़ से भी ज्यादा है। यानी इन सभी लोगों को राशन दुकान जाकर अंगूठे का निशान देना होगा।

इसमें जो भी सदस्य अंगूठे का निशान नहीं लगाएगा उसका नाम कार्ड से हटा दिया जाएगा। दरअसल केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि कोर पीडीएस में वन नेशन-वन कार्ड के तहत सभी राशन कार्ड की जांच की जाए। इससे यह पता चलेगा कि राशन सही घरों में जा रहा है या नहीं।

केंद्र सरकार की चिट्ठी के बाद से ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में राशन दुकानदारों से कहा गया कि केवायसी का काम तुरंत शुरू करें। बिना केवाईसी के राशन देने दुकानदारों को चेतावनी भी दी गई। इसके बाद ही रायपुर समेत राज्य के सभी जिलों में राशन कार्ड की जांच का काम शुरू हो गया है।

केंद्र सरकार की इस चिट्ठी के पहले राशन कार्ड को केवल आधार नंबर से लिंक कराना होता था। जो आधार सीडिंग नहीं कराते थे उन्हें भी राशन दे दिया जाता था। लेकिन पहली बार नियम इतने सख्त किए गए हैं। राशन कार्ड के सत्यापन के लिए केवल मुखिया को ही नहीं बल्कि कार्ड में शामिल हर एक सदस्य को राशन दुकान जाकर अंगूठे का निशान देना होगा।

इसके अलावा सभी सदस्यों को स्वयं सत्यापित आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी जमा करानी होगी। केंद्र और राज्य सरकार के अफसरों का मानना है कि अभी राज्य में लाखों की संख्या में फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्ड चल रहे हैं।

अनुमान भी लगाया जा रहा है कि केवायसी खत्म होने के बाद पांच से छह लाख बीपीएल कार्ड चलन से बाहर हो सकते हैं। सत्यापन नहीं कराने पर फर्जी कार्ड ऑटोमेटिक सिस्टम से बाहर हो जाएंगे। इन कार्डों की इंट्री नहीं होगी तो ऑनलाइन नाम भी कट जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *