*चैत्र नवरात्र में अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम बोईरडीह में विधि-विधान से चल रही पूजा-अर्चना*
*लोग क्षमा करना सीखें क्योंकि क्षमा से ही दिलों में मैत्री बढ़ेगी : बाबा पुनीत शाही अघोर संत*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती चैत्र नवरात्र महापर्व के पावन अवसर पर देवी मंदिरों में भक्तिमय उल्लास का वातावरण है। भक्तजन माता के सेवा में लीन हैं। इसी तारतम्य में सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत स्थित अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम बोईरडीह में भी चैत्र नवरात्र महापर्व अघोर संत बाबा पुनीत शाही के निर्देशन में भक्तिमय वातावरण के बीच में विधि-विधान से सम्पन्न हो रहा है। चैत्र नवरात्र के अवसर पर अघोर संत बाबा पुनीत शाही ने मानव समाज को दिए संदेश में कहा सनातन धर्म जितना उदार है व्यवहार में लोग सनातन के प्रति उदार नहीं हैं।
बाबा पुनीत शाही ने ईर्ष्या, द्वेष, दंभ, क्रोध, घृणा तथा लोभ आदि को सनातन शत्रु बताया और कहा कि यदि आप इनके वशीभूत होकर कार्य करेंगे तो निश्चित ही गड्ढ़े पर गिरेंगे। अघोर संत बाबा पुनीत शाही ने इनके स्थान पर सनातन के मित्र करूणा, मैत्री, प्रेम, सौहार्द,दया, क्षमा आदि को आत्मसात कर जीवन व्यवहार करने की बात कही। किंतु लोग इन्हें छोड़ चुके हैं। आज लोगों के दिलों में न मैत्री के भाव यह गया है न प्रेम। अब लोग स्वार्थ के वशीभूत होकर कार्य कर रहे हैं। अगर आप सनातन के अनुयाई हैं तो आपके अंदर प्रेम होना चाहिए। आप करूणा कीजिए। आपके अंदर क्षमा का भाव होना चाहिए क्योंकि क्षमा से प्रेम बढ़ेगा। क्षमा से ही दिलों में मैत्री का भाव पनपेगा।इसीलिए हमें दिलों में क्षमा का भाव जागृत करना अति आवश्यक है।





