*अघोर पीठ आश्रम बोईरडीह ने रैनखोल में जरूरतमंदों को बांटे कंबल*
मन में प्रेम, भाईचारा व मैत्री का भाव जागृत कर अपने जीवन को सरल बनाएं- पुनीत शाही बाबा अघोर संत*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती जिले के सुदूर पहाड़ी अंचल के गांव रैनखोल में बुधवार, 4 फरवरी को अघोरपीठ आश्रम बोईरडीह ने जरूरतमंदो को कंबल बांटे। रैनखोल गांव के धनवार मोहल्ला में आयोजित इस विशेष आयोजन में उपस्थित गांववासियों को संबोधित करते हुए अघोर शक्ति पीठ बोईरडीह के बाबा पुनीत शाही ने कहा कि संसार में सबसे महत्वपूर्ण कार्य ये है कि सभी अपने जीवन को सरल बनाएं । जीवन कैसे सरल बने इस पर ध्यान देना जरूरी है। बाबा पुनीत शाही ने आगे कहा कि आपका जीवन तब सरल बनेगा जब आप दूसरों के जीवन को सरल बनाने का प्रयास करेंगे। जब आप आप अपने आसपास, रिश्ते नाते दारों सहित गांव व समाज में लोगों को सहयोग की भाव से देखेंगे। आप ऐसा करेंगे तो आपके जीवन में कभी आभाव नहीं रहेगा। इसलिए मन में सबके प्रति प्रेम, भाईचारा, मैत्री व सहयोग का भाव जगाएं। बाजी ने कहा मन में ऐसा भाव जगाते ही जीवन सरल हो जाता है। इन पलों में रैनखोल में निवासरत करीबन 150 जरूरत मंद लोगों को आश्रम की ओर से कंबल प्रदान किया गया।

इस आयोजन को सफल बनाने में दीपक जायसवाल गहरीन मुड़ा, देव जायसवाल सलिहा भांठा, उदयराम धनवार नवागांव, पूर्व सरपंच रामसिंह, संतराम, गांव प्रमुख तीज राम कोरवा, धनीराम मैत्री, फागुलाल मैत्री, रत्थूराम धनवार, उदय मधुकर तथा योम प्रकाश लहरे सहित रैनखोल ग्राम वासियों का योगदान रहा। इन विशेष पलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग सक्ती जिलाध्यक्ष महेंद्र बरेठ, महिला सेल जिलाध्यक्ष श्रीमती कांता यादव, महेन्द्र कर्ष तथा भी विशेष उपस्थित रहे। इसके पहले अघोर संत बाबा पुनीत शाही के अपने शिष्यों के संग रैनखोल पहुंचने पर रैन वासियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर कर्मा लोकनृत्य के मधुर धुन तथा मांदर के जाप पर सुंदर नृत्य प्रस्तुति देते हुए आत्मीय अभिनंदन किया। कार्यक्रम की समाप्ति पश्चात बाबा पुनीत शाही ने रैनखोल में भोजन प्रसाद ग्रहण किया। गौरतलब हो कि रैनखोल छत्तीसगढ़ प्रदेश के सक्ती जिले के सुदूर पहाड़ी अंचल में स्थित एक जनजातीय बाहुल्य गांव है। जो कि चारों ओर से पहाड़ी से घिरा हुआ है। यह स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता व मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है।





