अकलतरा नगर पालिका में जल संरक्षण कार्य में देरी पर अध्यक्ष बैठी अनशन पर, अधिकारी पर लग रहे गंभीर आरोप,

**अकलतरा नगर पालिका में जल संरक्षण कार्य में देरी पर अध्यक्ष बैठी अनशन पर, अधिकारी पर लग रहे गंभीर आरोप, **
अकलतरा। नगर पालिका परिषद अकलतरा में वर्षा जल संचयन एवं पुनर्भरण कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर अब मामला गंभीर हो गया है। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो वे अनशन पर बैठेंगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर के गौठिया तालाब में वर्षा जल संचयन एवं पुनर्भरण कार्य के लिए लगभग 27.32 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
नगर पालिका परिषद की बैठक में भी इस विषय पर निर्णय लिया गया था और कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा 14 महीनों से कोई ठोस प्रगति नहीं की गई है, जिससे नगरवासियों को जल संकट और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
धरने/ अनशन में बैठी नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा की नगर पालिका अधिकारी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की जनता कितनी परेशान है उनको यह सब नहीं दिखाई दें रहा है, सभी प्रकार के स्वीकृति के बावजूद कार्य में देरी कही न कही जनता के हितों को अनदेखा करना ही माना जायेगा, वार्ड वासी एवं नगर सभापति भी इस अनशन में उनके साथ दिखाई दे रहे हैं नगर पालिका अधिकारी से केवल एक ही मांग है के कार्य को जल्द से जल्द प्रारंभ करेंगे ताकि नगर वासियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े
पर बड़ा प्रश्न चिन्ह यह उत्पन्न हो रहा है कि नगर पालिक अधिकारी ने 14 माह बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक कार्य पूर्ण क्यों नहीं कराया? अध्यक्ष को क्यों धरने पर बैठा बैठना पड़ा? क्या नगर पालिक में अध्यक्ष एवं नगर पालिका अधिकारी के बीच तालमेल की कमी है या फिर अधिकारी अपने हिसाब से क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देंगे?जो जनप्रतिनिधि जनता से हजारों वादे एवं विकास के प्रति अपनी निष्ठा के साथ चुनकर आते हैं क्या उनको अधिकारी की अड़ियल रवैया का सामना करना पड़ेगा?





